Prajwal Revanna Life term: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और JDS नेता प्रज्वल रेवन्ना को घरेलू सहायिका से रेप और वीडियो वायरल करने की धमकी के मामले में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Prajwal Revanna Life term conviction: कर्नाटक की राजनीति और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा (HD Deve Gowda) के परिवार को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते व पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हाउस हेल्प के साथ रेप के मामले में बेंगलुरू कोर्ट ने उनके खिलाफ सजा का ऐलान किया है। पहली अगस्त को कोर्ट ने पूर्व सांसद को दोषी करार दिया था। शनिवार को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने दो मामलों में आजीवन कारावास के साथ अन्य मामलों में 11 लाख रुपये का जुर्माना देने का भी आदेश दिया है। जुर्माना की राशि पीड़िता को मुआवजा के रूप में दी जाएगी। कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना पर रेप, यौन शोषण, धमकी और डिजिटल क्राइम के कई मामलों में दोषी करार दिया था। सजा तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

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48 वर्षीय घरेलू सहायिका से बार-बार किया गया यौन शोषण

पीड़िता, रेवन्ना परिवार के होलेनरसीपुर (Holenarasipura, Hassan) स्थित फार्महाउस में घरेलू सहायिका (House Help) के रूप में काम करती थी। उसने आरोप लगाया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 2021 से उसका बार-बार बलात्कार किया। महिला ने बताया कि आरोपी ने उसकी अश्लील वीडियो भी बनाई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जिससे वह चुप रही।

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वीडियो बनाकर दी धमकी, 2024 में उजागर हुआ मामला

प्रज्वल रेवन्ना पर आरोप है कि उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म के दौरान कई बार वीडियो बनाए और पीड़िता को डराया-धमकाया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह वीडियो सार्वजनिक कर देगा। यह मामला 2024 में तब सामने आया जब महिला ने साहस जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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बेंगलुरु की अदालत ने सुनाया उम्रकैद का फैसला

गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद प्रज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार किया गया और फिर मामला विशेष अदालत में चला। अदालत ने इस मामले में दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने यौन शोषण की रिकॉर्डिंग और धमकी के आधार पर आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई है। इस मामले में सुनवाई 31 दिसंबर 2024 को शुरू हुई थी। कोर्ट ने 23 गवाहों का बयान दर्ज किया। एसआईटी ने करीब 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। पहली अगस्त को स्पेशल जज गजानन भट्ट ने दोषी करार दिया था और शनिवार को सजा का ऐलान किया। पूरा ट्रॉयल सात महीनों में पूरा हो गया है।