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पिनाक गाइडेड रॉकेट प्रणाली का सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण, बढ़ जाएगी भारतीय सेना की युद्धक क्षमता

भारत के स्वदेश निर्मित पिनाक गाइडेड रॉकेट प्रणाली के उन्नत संस्करण का बृहस्पतिवार को ओडिशा के तट से सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण किया गया

experimental testing of Pinak Guided Rocket System is Successful  kpm
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New Delhi, First Published Dec 19, 2019, 5:56 PM IST
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बालासोर (ओडिशा): भारत के स्वदेश निर्मित पिनाक गाइडेड रॉकेट प्रणाली के उन्नत संस्करण का बृहस्पतिवार को ओडिशा के तट से सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण किया गया, जिससे सेना की युद्धक क्षमता में इजाफा होगा। रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है जिसका प्रक्षेपण आज दोपहर यहां पास के चांदीपुर में प्रूफ एवं प्रयोगात्मक स्थापना टेस्ट रेंज से किया गया। डीआरडीओ के सूत्रों ने बताया कि इस शस्त्र प्रणाली को टाट्रा ट्रक पर रखा गया था जो अत्याधुनिक गाइडेंस किट से लैस है जिसमें उन्नत नौवहन और नियंत्रण प्रणाली शामिल हैं।

40 किलोमीटर है मारक क्षमता

इससे पहले मार्च में पिनाक गाइडेड प्रणाली का राजस्थान में पोकरण टेस्ट रेंज से तीन बार सफल प्रायोगिक परीक्षण किया गया था। सूत्रों ने बताया कि स्वदेश निर्मित गाइडेड पिनाक प्रणाली से सटीक निशाने के लिए सेना की युद्धक क्षमता में बहुत इजाफा होगा।

उन्होंने बताया कि दिन में परीक्षण के दौरान शस्त्र प्रणाली ने सटीकता के साथ लक्ष्य का भेदन किया। उन्होंने बताया, ''सभी परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए।''

परिष्कृत प्रणाली में मार्क-I के लिए अधिकतम मारक क्षमता 40 किलोमीटर है जबकि मार्क-II के लिए 75 किलोमीटर है और यह 44 सेकंड में 12 रॉकेट दाग सकती है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)

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