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बंगाल में फर्जी वैक्सीनेशन: सरकार में गहरी पैठ रखता था नकली IAS, वायरल तस्वीरों से राजनीतिक बवाल

मुंबई के बाद कोलकाता में नकली वैक्सीन लगाने का एक रैकेट सामने आने के बाद सरकारें हाईअलर्ट पर आ गई हैं। बंगाल में पकड़ा गया सरगना खुद को IAS अधिकारी बताकर कई नेताओं से अच्छी सांठगांठ कर चुका था। आरोपी के संग TMC नेताओं की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीति बवाल मच गया है।

Fake Corona Vaccination Camp in West Bengal Political controversy after pictures of leaders with accused kpa
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New Delhi, First Published Jun 26, 2021, 8:13 AM IST
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कोलकाता. पिछले दिनों मुंबई में नकली वैक्सीनेशन कैम्प पकड़े जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बंगाल में एक नकली IAS गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इसके द्वारा संचालित नकली वैक्सीनेशन का भांडा फोड़ा था। इस गिरोह के मुख्य आरोपी देबांजन देब के कई नेताओं के साथ फोटो सामने आने के बाद राजनीतिक बवाल मच गया है। आरोपी की एक तस्वीर TMC के सांसद डॉ. शांतनु सेन के साथ भी सामने आई है। डॉ. सेन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(IMA) के स्टेट सेक्रेट्री भी हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा नेता शुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर केंद्रीय एजेंसियों से कोलकाता वैक्सीन फ्रॉड मामले की जांच करने की मांग की है।

कई नेताओं के साथ फोटो शेयर किए हैं
आरोपी देबांजन ने अपने साथ कई नेताओं और अधिकारियों के साथ खींची तस्वीरें ट्विटर एकाउंट पर शेयर की हैं। इनमें कुछ तस्वीरें कोलकाता में उसके द्वारा लगाए गए फर्जी वैक्सीनेशन कैम्प, कोरोना टेस्टिंग और सैनिटाइजेशन कैम्पेन से जुड़ी हैं। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने 2 हजार से अधिक लोगों को नकली वैक्सीन लगाकर ठगा है।

भाजपा ने बताई सरकार की मिलीभगत
आरोपी के साथ TMC सांसद की तस्वीर वायरल होने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि यह एक बड़ा घोटाला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाती है। उन्होंने इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है। हालांकि आरोपी के साथ अपनी तस्वीर वायरल होने के बाद TMC सांसद शांतनु सेन ने सफाई दी कि जब उन्हें आरोपी के बारे में पता चला, तो उन्होंने खुद उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई।

रौब के साथ घूमता था आरोपी
आरोपी लग्जरी लाइफ जीता था। वो नीली बत्ती वाली गाड़ी में घूमता था। उसके साथ निजी बॉडीगार्ड भी होते थे। उसने खुद को कोलकाता म्यूनिसिपल कार्पोरेशन में जॉइंट सेक्रेट्री बताया हुआ था। पुलिस के खुफिया विभाग ने आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज जैसे-लेटरहेड, लोगो, रबर स्टैम्प आदि जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि उसने कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर भी पैसे लिए थे।

TMC सांसद ने ही पकड़वाया
आरोपी को TMC सांसद मिमी चक्रवती ने ही पकड़वाया। उन्होंने कोलकाता पुलिस को बताया था कि कोई व्यक्ति शहर के दक्षिणी इलाके कस्बा में फर्जी वैक्सीनेशन सेंटर चला रहा है। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को दबोचा था।

मुंबई में सामने आ चुका है ऐसा ही मामला
पिछले दिनों मुंबई के कांदिवली इलाके में हीरानंद सोसायटी में नकली वैक्सीनेशन कैम्प का मामला पकड़ा गया था। आरोपियों ने 30 मई को हीरानंदानी सोसायटी परिसर में वैक्सीनेशन कैम्प लगाया था। इसमें एक डोज के लिए 1260 रुपए लिए गए। राजेश पांडे ने खुद को कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल का प्रतिनिधि बताया था। इस कैम्प का मैनेजमेंट संजय गुप्ता संभाल रहा था। महेंद्र सिंह ने पैसों का कलेक्शन किया था।

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