यूपी में नकली दवा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई। लखनऊ से शुरू हुई जांच के बाद देहरादून में अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़। FSDA ने करोड़ों की नकली दवाएं और मशीनरी जब्त की। डिजिटल सबूतों के आधार पर अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ, 2 आरोपी गिरफ्तार।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) [भारत], 24 जुलाई (ANI): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नकली दवाओं के व्यापार के खिलाफ सख्त नीति के तहत उत्तर प्रदेश में चल रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में मिली नकली 'फ्लोजेन' दवा के एक सैंपल से शुरू हुई जांच में आखिरकार देहरादून में चल रही एक अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हो गया।
उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने डिजिटल सबूतों और मोबाइल चैट के आधार पर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। विज्ञप्ति के अनुसार, गाजियाबाद क्राइम ब्रांच के साथ एक संयुक्त अभियान में, FSDA ने देहरादून में चल रही अवैध नकली दवा फैक्ट्री पर छापा मारा और लगभग 1 करोड़ रुपये की नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और आधुनिक मशीनरी बरामद की।
संयुक्त अभियान के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। 19 जुलाई, 2026 को, लखनऊ के अमीनाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज नकली दवाओं के भंडारण और बिक्री से संबंधित एक मामले की जांच के दौरान, 43 प्रकार की नकली दवाएं बरामद की गई थीं।
डिजिटल सबूतों और मोबाइल चैट से खुला नेटवर्क
शुरुआती जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर, FSDA मुख्यालय ने एक विशेष प्रवर्तन टीम का गठन किया। मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन का विश्लेषण करके टीम ने पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरोह का मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद में मौजूद है।
इसके बाद, FSDA की विशेष टीम ने गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की मदद से 22 जुलाई को राज नगर एक्सटेंशन के KW मॉल के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
एक टैबलेट ने पहुंचाया फैक्ट्री तक
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अमीनाबाद ऑपरेशन के दौरान बरामद टैबलेट 'फ्लोजेन एए' का सैंपल जांच में नकली (spurious) पाया गया। इस बीच, गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा के मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में 'फ्लोजेन' ब्रांड के नकली स्ट्रिप्स की तस्वीरें, पैकेजिंग से संबंधित दस्तावेज और मशीनरी से संबंधित व्हाट्सएप चैट मिले। इन डिजिटल सबूतों ने स्पष्ट रूप से स्थापित कर दिया कि लखनऊ में बरामद नकली दवा और देहरादून में चल रही अवैध फैक्ट्री एक ही अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थे।
इसी सुराग पर कार्रवाई करते हुए जांच आगे बढ़ी, जिससे देहरादून की फैक्ट्री पर छापा पड़ा और पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ। गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। व्हाट्सएप चैट में प्रसिद्ध दवा ब्रांडों के नकली स्ट्रिप्स, पैकेजिंग सामग्री, मशीनों के स्पेयर पार्ट्स और निर्माण से संबंधित तस्वीरें थीं। जांच में यह भी पता चला कि पैकेजिंग में जानबूझकर बदलाव किए गए थे, जिससे एक आम ग्राहक के लिए उत्पादों को नकली के रूप में पहचानना मुश्किल हो जाता था। इन्हीं सबूतों के आधार पर देहरादून में अवैध फैक्ट्री का पता लगाया गया।
देहरादून की फैक्ट्री में छापेमारी
आरोपी की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए, एफएसडीए उत्तर प्रदेश, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और एफएसडीए उत्तराखंड के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होप टाउन, देहरादून स्थित परिसर में छापा मारा। एक कमरे से, अधिकारियों ने एक आधुनिक अलु-अलु पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई-वोल्टेज स्टेबलाइजर, बड़ी मात्रा में अर्ध-निर्मित टैबलेट और कैप्सूल, प्रिंटेड एल्यूमीनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद किए।
मौके पर मिले सबूतों से यह स्पष्ट हो गया कि वहां बिना किसी वैध लाइसेंस के नकली दवाएं बनाई जा रही थीं और उन्हें प्रतिष्ठित कंपनियों की पैकेजिंग में पैक कर बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी। छापेमारी के दौरान कई जाने-माने दवा ब्रांडों की नकली पैकेजिंग सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा, कुछ प्रमुख कंपनियों के नाम से छपे मास्टर कार्टन और एल्युमिनियम फॉयल भी मिले। अधिकारियों का मानना है कि इन दवाओं को असली उत्पाद बताकर विभिन्न राज्यों के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था, जैसा कि विज्ञप्ति में कहा गया है।
संगठित अपराध का मामला दर्ज, दो गिरफ्तार
इस मामले में गौरव त्यागी, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विपिन भटनागर और विनय चंद को आरोपी बनाया गया है। राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा और विनय चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी शामिल है।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और जांच एजेंसियां पूरे वित्तीय नेटवर्क और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत, 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पूरे राज्य में नकली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग केवल नकली दवाओं को जब्त करने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्माण से लेकर आपूर्ति और बिक्री तक पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई करता रहेगा।" (ANI)
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