मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला वित्तीय बजट जारी किया। देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच जुलाई को संसद में साल 2019-20 का बजट पेश किया। लेकिन किसानों ने इस बजट के प्रति नाराजगी दिखाई है। 

नई दिल्ली. मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला वित्तीय बजट जारी किया। बजट के बाद कई के चेहरे खिल उठे तो कईयों को निराशा झेलनी पड़ी। देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच जुलाई को संसद में साल 2019-20 का बजट पेश किया। बजट में तमाम तरह की घोषणाएं की गईं और लक्ष्य निर्धारित किये गए। निर्मला सीतारमण किसान के मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि उन्हें एक बार फिर मूल में लौटने की जरूरत है। वहीं जब किसानों और व्यापारियों से इस मुद्दे पर बात की गई तो कई तरह प्रतिक्रिया सामने आई।

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क्या बोले किसान

किसानों और व्यापारी ने बजट पर अपनी राय रखी। किसानों का कहना है कि बजट से काफी उम्मीदें थी लेकिन सरकार ने कोई ऐसी घोषणा नहीं जो सीधे लाभ दे सके। किसानों को एक बार फिर यह कहकर नकार दिया गया कि अलग से बजट की कोई जरुरत नहीं है।

व्यापारी वर्ग चेहरे पर दिखी मुस्कान

वहीं बजट पेश होने के बाद छोटे व्यपारी काफी खुश नजर आए। व्यापारियों का कहना है सीमा शुल्क और जीएसटी आदी पर छूट मिलेगी, जिससे व्यापार में काफी फायदा मिलेगा। वहीं ट्रांसपोर्ट ग्रीड बनने से माल को लाने ले जाने में आसानी होगी।