दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आज अंतिम सांस ली। पिछले एक हफ्ते से वो बीमार चल रही थीं। आज दोपहर कार्डियक अरेस्ट आने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, जिसके कुछ देर बाद उनका निधन हो गया। 

नई दिल्ली: तीन बार दिल्ली की सीएम और कांग्रेस की कद्दावर नेता रही शीला दीक्षित आज हमारे बीच नहीं हैं। फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। कई नेताओं ने उनके देहांत के बाद शोक संदेश जारी किया। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शीला दीक्षित ने अपनी पूरी जिंदगी राजनीति को समर्पित कर दी। लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी दिलचस्प थी। इस बारे में उन्होंने अपनी किताब "सिटिजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ" में लिखा है। इसमें उन्होंने बताया था कि अपने प्यार को हासिल करने के लिए उन्हें दो साल इंतजार करना पड़ा था। 

शीला दीक्षित की शादी विनोद दीक्षित से हुई थी। विनोद आईएएस अधिकारी थे। दोनों की मुलाकात कॉलेज में हुई थी। अपनी किताब में शीला ने लिखा कि विनोद उनके क्लासमेट थे। विनोद उन्हें अच्छे तो लगते थे लेकिन उन्हें प्यार तब हुआ जब दोनों अपने दोस्तों के बीच हुए प्रेम विवाद को सुलझा रहे थे। इसी दौरान दोनों नजदीक आए थे।

शीला दीक्षित काफी इंट्रोवर्ट थीं और अपने मन की बात कहने में उन्हें काफी झिझक होती थी। लेकिन बाद में विनोद ने ही चांदनी चौक के पास से बस में बैठकर शीला दीक्षित से शादी की बात की थी। बाद में दोनों ने घर पर बात की और सभी विनोद के नौकरी लगने का इन्तजार करने लगे। दो साला बाद जब विनोद आईपीएस अधिकारी बन गए, तब जाकर शीला का हाथ विनोद को दिया गया। 11 जुलाई, 1962 को दोनों की शादी हुई।