नई दिल्ली. इतिहास में पहली बार भारतीय नौसेना दो महिला अफसरों सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह और सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी को वॉर शिप पर तैनात करेगी। इन दोनों महिला लेफ्टिनेंट को हेलिकॉप्टर स्ट्रीम में ऑब्जर्वर (एयरबोर्न टैक्टिशियंस) के पद के लिए चुना गया है। दोनों मल्टी-रोल-हेलीकॉप्टर (MRH) चालक दल का हिस्सा होंगी। कुमुदिनी और रीति युद्धपोतों से संचालित होने वाली महिला हवाई लड़ाकू विमानों की पहली टीम का हिस्सा होंगी।  नौसेना में अब तक महिला अफसरों को फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट तक सीमित रखा गया था। 

जेंडर को लेकर कभी भेदभाव नहीं हुआ 

समाचार एजेंसी एएनआई को दी जानकारी में सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी ने बताया कि भारतीय नौसेना अपने अफसरों को इस प्रकार प्रशिक्षण देती है कि हर अफसर किसी भी परिस्थिति में मानसिक और शारिरिक रूप से लड़ने के लिए तैयार रह सके। हमारे पास कुल 60 घंटों का उड़ान प्रशिक्षण है। कुमुदिनी बताती हैं कि प्रशिक्षण के दौरान उनके सीनियर अधिकारियों ने उनसे कभी भी उनके जेंडर को लेकर भेदभाव नहीं किया। अपने काम की जानकारी देते हुए सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह ने बताया कि दुश्मन की पहचान कर उसे टारगेट करना उनका काम होगा तो वहीं एयरक्राफ्ट के हथियारों का सेंसर कंट्रोल सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी के पास होगा।

नौसेना में 17 अफसरों को 'विंग्स' से सम्मानित किया गया

सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह सहित कुल 17 अफसरों को सोमवार को 'ऑब्जर्वर' के रूप में स्नातक होने पर "विंग्स" से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम कोच्चि में आईएनएस गरुड़ पर हुआ। इनमें 13 अफसर रेगुलर बैच से हैं और चार महिला महिला अफसर शॉर्ट सर्विस कमीशन से हैं। इस प्रोग्राम में रियर एडमिरल एंटनी जॉर्ज ने कहा था कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है जिसमें पहली बार महिलाओं को हेलिकॉप्टर ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी जा रही है।