सीबीआई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के आवास और दफ्तर पर दबिश दी। यह कार्रवाई सीबीआई ने विदेशी अंशदान अधिनियम 2010 (एफसीआरए) के उल्लंघन के तहत की है।

नई दिल्ली. सीबीआई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के आवास और दफ्तर पर दबिश दी। यह कार्रवाई सीबीआई ने विदेशी अंशदान अधिनियम 2010 (एफसीआरए) के उल्लंघन के तहत की है। सीबीआई ने विदेशी फंडिंग में कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। 

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एनजीओ 'लायर्स कलेक्टिव' के ऑफिस खंगाले

जांच एजेंसी ने दिल्ली और मुंबई में बने एनजीओ 'लायर्स कलेक्टिव' के ऑफिस पर भी छापामारा है। इन दोनों ऑफिस के संचालक इंदिरा जयसिंह के पति आनंद ग्रोवर हैं। एनजीओ पर विदेशों से फंडिंग जुटाने में भी गड़बड़ी का आरोप है। इससे पहले सीबीआई ने पिछले दिनों ग्रोवर के खिलाफ केस दर्ज किया था। 

क्या है मामला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनजीओ की फंडिंग में गड़बड़ी का मामला 2009 से 2014 के बीच का बताया जा रहा है, जिस वक्त इंदिरा एडिशनल सॉलिसिटर की जनरल पोस्ट पर थीं। इंदिरा पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी यात्राओं के खर्च का भुगतान गृह मंत्रालय की बगैर अनुमति के एनजीओ के जरिए किया। 

कार्रवाई के बाद भड़कीं इंदिरा जयसिंह
सीबीआई की छापेमार कार्रवाई के बाद इंदिरा जयसिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा है '' श्री ग्रोवर और मुझे उन मानवाधिकारों के कामों के लिए टारगेट किया जा रहा है, जो हमने वर्षों से किये हैं।''

मई में किया था नोटिस जारी

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मई में एनजीओ द्वारा विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन के मामले में याचिकाकर्ता वकील वॉयस की याचिका पर सुनवाई की थी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर और उनके एनजीओ को नोटिस जारी किए थे।