Heavy Rain Alert On 5 August 2025: देशभर में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। दिल्ली-एनसीआर में उमस से राहत नहीं, लेकिन अगले तीन दिनों तक उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना है।

Heavy Rain Alert On 5 August 2025: देशभर में इस साल मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। 12 साल बाद भारत में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत और पहाड़ी राज्यों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बारिश के चलते कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिसके कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दिल्ली-एनसीआर में राहत के साथ उमस की मार

सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट तो आई, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 5 से 7 अगस्त तक राजधानी दिल्ली और उसके आसपास गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

यूपी में आज रेड अलर्ट जारी 

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से राज्य के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई है। वहीं, बिहार में भी बारिश के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्णिया, दरभंगा, सीतामढ़ी, पश्चिम चंपारण और समस्तीपुर जिलों में मूसलधार बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में वज्रपात से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

पहाड़ों में कहर बरपा रहा मानसून

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। राज्य के कांडा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और शिमला जैसे जिलों में 5 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। भूस्खलन और सड़कों के टूटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं।

यह भी पढ़ें: ‘Pariksha Pe Charcha 2025’ ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पीएम मोदी के संवाद कार्यक्रम को मिला Guinness World Record सम्मान

दक्षिण भारत भी बारिश से बेहाल

दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु के घाटी इलाकों में 5 और 6 अगस्त को भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों में जलस्तर बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।