14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी वो भाषा है, जिसे आज ही के दिन 1949 में राजभाषा का दर्जा दिया गया। इसके बाद ये ऑफिशियली सरकारी कामकाज की भाषा बन गई। क्या आप जानते हैं हिंदी भाषा के 20 सबसे कठिन शब्दों को?

Hindi Diwas 2025: हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए हर साल 14 सितंबर को 'राष्ट्रीय हिंदी दिवस' मनाया जाता है। हिंदी को 1949 में राजभाषा का दर्जा मिला। इसे मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को सम्मान देने के साथ ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखना भी है। हिंदी इतनी समृद्ध भाषा है कि इसमें एक शब्द के कई अर्थ हैं। कई शब्द तो ऐसे भी हैं, जिनके मतलब अच्छे-अच्छे धुरंधर भी नहीं जानते होंगे। आइए जानते हैं हिंदी भाषा के सबसे कठिन 20 शब्द और उनके अर्थ।

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1- प्रत्युत्पन्नमति

तुरंत सोचने, समझने या उचित जवाब देने की शक्ति।

2- किंकर्तव्यविमूढ़

वह व्यक्ति जो भ्रमित हो या जिसे समझ न आए कि क्या करना है।

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3- जिजीविषा

जीने की प्रबल इच्छा या ललक।

4- अट्टालिका

ऊँची इमारत का सबसे ऊपरी कक्ष या हिस्सा।

5- अभिप्राय

किसी कार्य या बात का मुख्य अर्थ या मतलब।

6- निर्निमेष

बिना पलक झपकाए एकटक देखना।

7- अक्षुण्ण

जो अटूट या अखंड हो, जिसे तोड़ा या तोड़ा न जा सके।

8- अवनति

किसी चीज़ में गिरावट या पतन।

9- दुर्निवार

कोई ऐसी चीज़ या स्थिति जिसे रोक पाना बहुत मुश्किल हो।

10- श्लाघ्य

जिसकी प्रशंसा की जा सके, प्रशंसनीय।

11- अविचल

जो स्थिर हो, हिलने-डुलने वाला न हो।

12- अस्तित्व

किसी के होने की स्थिति या मौजूदगी।

13- प्रगल्भ

चतुर, होशियार या धृष्ट।

14- परिष्कार

किसी चीज का सुधार करना, उसे शुद्ध करना।

15- शमित

शांत किया हुआ, बुझा हुआ।

16- तारतम्य

किसी घटना या क्रम की आवृत्ति

17- अक्षुण्ण

जिसके टुकड़े करना संभव ना हो।

18- कृतघ्न

उपकार ना मानने वाला।

19- हुतात्मा

वह व्यक्ति जिसने किसी अच्छे कार्य, सिद्धांत, धर्म या देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया हो या अपना सर्वस्व होम कर दिया हो।

20- अन्योन्यक्रिया

दो या दो से अधिक वस्तुओं या व्यक्तियों का एक-दूसरे पर प्रभाव डालना या एक-दूसरे को प्रभावित करना, जिससे उनके बीच कोई क्रिया या प्रतिक्रिया होती है।

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