दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने एक दिन पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसे गृह मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है। 

Mohalla Clinic Scam. दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की शिकायतों के बाद एलजी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसे गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब सीबीआई ने बाकायदा मोहल्ला क्लीनिक मामले में जांच शुरू कर दी है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते साल अगस्त महीने में मोहल्ला क्लीनिकों के कामकाज में कई तरह की कमियां और शिकायतें सामने आईं। जिसमें यह भी बताया गया कि डॉक्टरों द्वारा फर्जी मरीजों के आधार पर लैब टेस्ट कराए जा रहे हैं और अनाधिकृत लोगों द्वारा दवाईयां भी देने की शिकायतें मिली थीं।

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उप-राज्यपाल ने कराई शिकायतों की जांच

दिल्ली के आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक (एएएमसी) में अनियमितताओं की जांच के लिए कुछ हॉस्पिटल्स के नमूने इकट्ठे किए गए। एलजी कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि नमूनों की जांच और मिली शिकायतों के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। हाल ही में राज्य सतर्कता विभाग ने स्वास्थ्य विभाग की जांच की थी। इसके बाद सीबीआई जांच इसमें महत्वपूर्ण कड़ी है। राज्यपाल द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के कारण दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं क्योंकि आरोप काफी गंभीर हैं।

आम आदमी पार्टी ने क्या प्रतिक्रिया दी है

मोहल्ला क्लीनिक में फर्जीवाड़े की जांच का आम आदमी पार्टी ने स्वागत किया है लेकिन जांच से जुड़ी कुछ चिंताओं को भी जाहिर किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस सबके लिए नौकरशाही को जिम्मेदार ठहराया है। भारद्वाज ने कहा कि इनमें से कई चिंताएं पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठाई गई थीं। मौजूदा समय में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष के केंद्र में उपराज्यपाल सक्सेना हैं। यह सत्ता संघर्ष कानूनी विवादों में बदल गया है।

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