Rahul Gandhi को बोलने से रोका तो मचा बवाल, ये 8 सांसद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की स्पीच को लेकर लगातार दूसरे दिन भी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे राहुल गांधी ने सदन में पूर्व आर्मी चीफ की एक अप्रकाशित किताब से जुड़े आर्टिकल को पेश करने की कोशिश की। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ।

“मुझे बोलने दिया जाए” कहते रहे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सदन में कहा, “मुझे बोलने की अनुमति दी जाए।” इतना कहते ही NDA के सांसदों ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया। इसके बाद पूरे सदन में शोरगुल बढ़ गया। राहुल करीब 14 मिनट तक अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे।
राहुल गांधी बोले, मुझे परमिशन नहीं दी जा रही
हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा, मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा। मैं विपक्ष का नेता हूं। मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। मैं सिर्फ यह बता रहा हूं कि भारत और चीन के बीच क्या हुआ। पूर्वी लद्दाख में हमारे सैनिक शहीद हुए।
हंगामे के दौरान 8 सांसद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड
सदन में हंगामे के दौरान पीठासीन की ओर कागज उछालने के आरोप में 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इनमें 7 कांग्रेस सांसद और 1 माकपा सांसद शामिल हैं।
सस्पेंड किए गए सांसदों में कौन-कौन?
सस्पेंड किए गए सांसदों में कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रशांत परोले, मणिक्कम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, हिबी ईडन, गुरजीत औजला, डीन कोरियोकोज और माकपा सांसद एस वेंकटेशन शामिल हैं।
नियम 374 के तहत की गई कार्रवाई
जिन 8 सांसदों को निलंबित किया गया है, उन पर लोकसभा के नियम 374 के तहत कार्रवाई की गई। यह नियम सदन की कार्यवाही में बाधा डालने वाले सांसदों पर लागू होता है।
क्या कहता है नियम 374?
अगर कोई सांसद सदन की मर्यादा तोड़ता है, नियमों का उल्लंघन करता है या जानबूझकर सदन की कार्यवाही रोकता है, तो लोकसभा स्पीकर उस सांसद का नाम लेकर सस्पेंशन का प्रस्ताव सदन में रख सकते हैं। इस सस्पेंशन की अवधि अधिकतम पूरे सत्र तक हो सकती है। सदन चाहे तो इस प्रस्ताव को कभी भी वापस लेने का आग्रह कर सकता है।
सस्पेंशन के दौरान भी मिलती है सांसदों को सैलरी
सदन में हंगामा करने के कारण सस्पेंड किए गए सांसदों को सस्पेंशन अवधि के दौरान भी पूरा वेतन मिलता है। केंद्र सरकार में लंबे समय से “काम नहीं, वेतन नहीं” नीति पर विचार हो रहा है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
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