ADR द्वारा बुधवार (14 फरवरी) को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा नहीं मिला, जैसा कि वह पिछले 17 वर्षों से घोषणा करती आ रही है।

चुनावी चंदा। देश में इस साल 2024 में आम लोक सभा चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर देश की प्रमुख पार्टियां अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गई है। राजनीतिक पार्टियों को चुनाव में करोड़ों रुपये चंदे के रूप में भी मिलते है, जिसका इस्तेमाल पार्टियां अलग-अलग कामों में करती है। इसी बीच एसोसिएशन फॉर एसोसिएशन (ADR) ने एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने 2022-23 में लगभग 720 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की है, जो चार अन्य राष्ट्रीय दलों - कांग्रेस, आप, सीपीआई-एम और नेशनल पीपुल्स पार्टी द्वारा प्राप्त कुल राशि से पांच गुना अधिक है।

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ADR द्वारा बुधवार (14 फरवरी) को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा नहीं मिला, जैसा कि वह पिछले 17 वर्षों से घोषणा करती आ रही है। बता दें कि पंजीकृत राजनीतिक दलों के लिए एक वित्तीय वर्ष में उन्हें प्राप्त 20,000 रुपये से अधिक के व्यक्तिगत चंदे का खुलासा करना अनिवार्य है।

राज्यों से मिले चंदा का ब्योरा

भाजपा ने 7,945 चंदों में से 719।858 करोड़ रुपये और कांग्रेस ने 894 चंदों में से 79.924 करोड़ रुपये की घोषणा की। भाजपा द्वारा घोषित चंदा इसी अवधि के लिए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और सीपीआई (एम) द्वारा घोषित कुल दान से पांच गुना से अधिक है। वहीं एनपीपी पूर्वोत्तर की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है जिसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है। ADR ने यह भी बताया कि दिल्ली से राष्ट्रीय पार्टियों को कुल 276.202 करोड़ रुपये का चंदा मिला, इसके बाद गुजरात से 160.509 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र से 96.273 करोड़ रुपये का चंदा मिला। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान राष्ट्रीय पार्टियों का कुल चंदा 91.701 करोड़ रुपये बढ़ गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2021-22 से 12.09 प्रतिशत अधिक है।

बीजेपी के चंदे में बढ़ोत्तरी

ADR ने कहा कि भाजपा को दान वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 614.626 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 719.858 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह से 17.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान पार्टी के चंदे में 41.49 प्रतिशत की कमी आई। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कांग्रेस का चंदा 95.459 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 79.924 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह से 16.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

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