ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में बीते साल 18 जून को खालिस्तानी टाइगर फोर्स के आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

Khalistani Terrorist Hardeep Singh Nijjar: ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में बीते साल 18 जून को खालिस्तानी टाइगर फोर्स के आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके 1 साल के बाद कनाडाई संसद में आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की मौत पर एक मिनट का मौन रखा गया था। इस मामले के बाद भारत ने शुक्रवार (21 जून) को निंदा की। इस मौके पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा "हम उग्रवाद को राजनीतिक स्थान देने वाले किसी भी कदम का विरोध करते हैं।"

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बता दें कि भारत सरकार ने हरदीप सिंह निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था। पिछली साल हरदीप सिंह निज्जर के हत्या के मामले में कनाडाई पुलिस ने चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद हत्या में कथित संलिप्तता के लिए पिछले कुछ हफ्तों में पंजाबी मूल के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में खटास आ गई थी।

ये भी पढ़ें: अरविंद केजरीवाल की रिहाई लटकी, दिल्ली हाईकोर्ट में ईडी की याचिका पर सुनवाई कई दिन चलने की आशंका

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का आरोप

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा पिछले साल सितंबर में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित" संलिप्तता का आरोप लगाया था।इसके बाद खालिस्तान आतंकवादियों के मुद्दे पर कनाडा के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि, भारत ने ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और प्रेरित बताकर खारिज कर दिया था। भारत कहता रहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा कनाडा द्वारा कनाडा की धरती से सक्रिय खालिस्तान समर्थक तत्वों को छूट देने का है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR को भीषण गर्मी से मिली राहत, राजधानी के कुछ हिस्सों में हुई झमाझम बारिश, देखें तस्वीरें