पुलवामा हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हैं। अब एक बार फिर से दोनों देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच बुधवार को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि तत्काल प्रभाव से सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा। 

नई दिल्ली. पुलवामा हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हैं। अब एक बार फिर से दोनों देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच बुधवार को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि तत्काल प्रभाव से सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा। 

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दोनों देशों के बीच हॉटलाइन पर DGMO लेवल की बातचीत हुई। इसमें सीजफायर उल्लंघन, युद्धविराम, कश्मीर समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों देशों ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के हालात पर चर्चा की। इसके बाद भारत और पाकिस्तान ने साझा बयान जारी किया।

इन 3 समझौतों पर बनी सहमति

- दोनों देशों के बीत बातचीत जारी रह सके, इसके लिए हॉटलाइन कॉन्टैक्ट मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा। 
- सीजफायर उल्लंघन, घुसपैठ, सीमापार से फायरिंग समेत अन्य मुद्दों को भी बातचीत से सुलझाया जाएगा। 
- फ्लैग मीटिंग फिर से शुरू होगी। इससे गलतफहमियों को दूर किया जाएगा। 

जारी रहेगी सेना की कार्रवाई
भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि दोनों देशों की बातचीत के दौरान भी आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान जारी रहेंगे। इसके साथ ही LAC पर घुसपैठ रोकने के लिए भी ऑपरेशन जारी रहेंगे। 

पाकिस्तान ने तोड़ा था 2003 सीजफायर एग्रीमेंट
भारत और पाकिस्तान के बीच 2003 में LOC पर सीजफायर समझौता किया था। इसके मुताबिक, दोनों सेनाओं को एक दूसरे पर गोलीबारी करने की मनाई थी। लेकिन 2006 के बाद पाकिस्तान लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रहा है। पाकिस्तानी सेना फायरिंग की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश करती है। 

इतना ही नहीं कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से इस साल पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा फायरिंग की गई। पाकिस्तान ने 2020 में 4100 से ज्यादा बार सीजफायर उल्लंघन किया। जबकि 2019 में 3233 बार सीजफायर उलंघन हुआ था।