भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के जवानों ने लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाके में फंसे इजरायली नागरिक की जान बचाई। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। शरीर का ऑक्सीजन लेवल घटकर 68 रह गया था।  

श्रीनगर। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के जवानों ने शनिवार को एक इजरायली नागरिक की जान बचाई। वह लद्दाख के अधिक ऊंचाई वाले इलाके में सैर करने गया था, लेकिन एक्यूट माउंटेन सिकनेस का शिकार हो गया। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। 

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रक्षा प्रवक्ता कर्नल एमरॉन मुसाविक ने बताया कि शनिवार सुबह 10:40 बजे 114 हेलिकॉप्टर यूनिट को आकस्मिक निकासी की सूचना मरखा घाटी के पास स्थित निमालिंग कैंप से मिली थी। नोआम गिल नाम का इजरायली नागरिक एक्यूट माउंटेन सिकनेस का शिकार हो गया था। उसे अधिक ऊंचाई वाले इलाके में सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसके शरीर का ऑक्सीजन लेवल घटकर 68 पर आ गया था। 

एमरॉन मुसाविक ने कहा कि मरखा घाटी को गंभीर अशांत परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। वहां मौसम अचानक बदल जाता है। गिल की हालत गंभीर थी, जिसके चलते उसे जल्द से जल्द वहां से निकालना जरूरी था। 114 हेलिकॉप्टर यूनिट के फ्लाइट कमांडर विंग कमांडर आशीष कपूर के नेतृत्व में बचाव अभियान चलाया गया। इस अभियान में फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुशाग्र सिंह, विंग कमांडर एस बदियारी और स्क्वाड्रन लीडर एस नागपाल शामिल थे। 

तेज हवा के चलते मुश्किल थी लैंडिंग
सूचना मिलने के 20 मिनट के अंदर दो हेलिकॉप्टर का दल बचाव अभियान के लिए रवाना हो गया। तेज हवा और टर्बुलेंस के बाद भी भारतीय वायु सेना के जांबाज जवान करीब 45 मिनट में मौके पर पहुंचे। लैंडिंग घाटी के सबसे प्रतिबंधित स्थानों में से एक में की गई। गिल को हेलिकॉप्टर पर सवार कर जवान तुरंत लौट गए। बचाव अभियान में शामिल दोनों हेलिकॉप्टर लेह में उतरे।