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भारत और इंडोनेशिया की Navy ने एक साथ विशाल समुद्र में दिखाई दुनिया को अपनी ताकत

भारत और इंडोनेशिया की नौसेना(Navy) ने 20 से 22 सितंबर तक एक साथ युद्धाभ्यास(war exercise) किया। इसके जरिये दोनों देशों ने एक-दूसरे के युद्ध कौशल(war skills) को जाना-समझा।

Indian and Indonesian Navy  participated in Exercise Samudra Shakti
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New Delhi, First Published Sep 21, 2021, 12:41 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय नौसेना (Indian Navy) के जहाज शिवालिक और कदमत 18 सितंबर को द्विपक्षीय अभ्यास 'समुद्र शक्ति' (Samudra Shakti) के तीसरे संस्करण में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचे थे। यह अभ्यास इंडोनेशियाई नौसेना के साथ 20 सितंबर से 22 सितंबर तक सुंडा जलडमरूमध्य के इलाके में किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री संचालन में आपसी समझ और अंतर-संचालन को बढ़ाना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। यह अभ्यास सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने और समुद्री सुरक्षा अभियानों से जुड़ी एक सामान्य समझ विकसित करने के लिए एक उपयुक्त मंच भी प्रदान करेगा।

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ऐसे हैं भारती नेवी के जहाज शिवालिक और कदमत
इस युद्धाभ्यास में भाग लेने वाले भारतीय नौसेना के जहाज शिवालिक और कदमत क्रमशः नवीनतम स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित मल्टी-रोल गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट और एंटी-सबमरीन कार्वेट हैं, और पूर्वी नौसेना कमान के तहत विशाखापत्तनम में स्थित भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का हिस्सा हैं। भारतीय नौसेना का पनडुब्बी रोधी युद्ध में सक्षम लंबी दूरी का समुद्री टोही विमान P8I भी अभ्यास में भाग ले रहा है। केआरआई बंग तोमो, केआरआई मलहायती एवं समुद्री गश्ती और टोही विमान सीएन-235 इंडोनेशियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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समुद्र शक्ति की ऐसे हुई थी शुरुआत
भारत की एक्ट ईस्ट नीति के अनुसरण में अभ्यास 'समुद्र शक्ति' की कल्पना 2018 में द्विपक्षीय आईएन-आईडीएन अभ्यास के रूप में की गई थी । यह अभ्यास पिछले दो संस्करणों में अभ्यास सम्बन्धी जटिलता के मामले में काफी उन्नत हो गया है और इसमें मिलिट्री इंटरडिक्शन ऑपेरशन (एमआईओ), क्रॉस डेक लैंडिंग, एयर डिफेंस सिरियल्स, प्रैक्टिस वीपन फायरिंग, रिप्लेनिश्मेन्ट अप्रोच और सामरिक युद्धाभ्यास सहित जटिल समुद्री अभियानों का संचालन शामिल होगा।

मौजूदा नीतियों के तहत अभ्यास समुद्र शक्ति अभ्यास का तीसरा संस्करण एक कोविड सुरक्षित वातावरण में आयोजित किया जा रहा है और दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने और पूरे इंडो पैसिफिक में दोस्ती के मजबूत बंधन बनाने का प्रयास करता है।

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