रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ के बेटे का विवाह रविवार को हुआ। हिंदू, मुस्लिम, सिख गुरुओं ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। 

नई दिल्ली। भारतीय सेना के रिटायर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने अपने बेटे का विवाह समारोह बेहद खास तरीके से आयोजित किया। उन्होंने सर्वधर्म समभाव के संदेश को अपने जीवन में उतारते हुए बेटे-बहू को आशीर्वाद देने के लिए हिंदू, मुस्लिम और सिख गुरु को बुलाया। तीनों धर्मों के गुरुओं ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

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लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAKLI) रेजिमेंट में गहराई से मौजूद धार्मिक सद्भाव की भावना का संकेत दिया। वह इस रेजिमेंट में कर्नल थे। लेफ्टिनेंट जनरल दुआ इसे मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा (MMG) की भावना कहते हैं।

दिखी सच्ची JAKLI रेजिमेंट भावना

लेफ्टिनेंट जनरल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, " एक ही छत के नीचे MMG (मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा) की सच्ची JAKLI रेजिमेंट भावना दिखी। रविवार को मेरे बेटे का विवाह हुआ। इस दौरान पंडित जी, मौलवी जी और ग्रंथी जी ने मिलकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।"

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JAKLI रेजिमेंट के सभी जवान एक साथ करते हैं प्रार्थना

बता दें कि JAKLI रेजिमेंट में सभी धर्म के लोगों के एक साथ प्रार्थना करने की परंपरा है। जहां सभी रैंकों और धर्मों के अधिकारी एक स्थान पर प्रार्थना करने के लिए जुटते हैं। इस जगह का नाम सर्व धर्म स्थल है। यहां कई मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च हैं। इन सभी के हॉल कॉमन है।

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लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ के बेटे की शादी में बाराती बाइक पर सवार होकर गए थे। लेफ्टिनेंट जनरल दुआ 2016 में उरी में सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान कश्मीर में कोर कमांडर थे। अपने 39 साल के करियर में उन्होंने चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ सहित कई रैंकों पर काम किया है। उनका कार्यकाल कई बड़ी उपलब्धियों से भरा है। उन्हें कई सम्मान मिले हैं। रिटायरमेंट के बाद जनरल दुआ ने 'इंडियाज ब्रेवहार्ट्स' नाम की किताब लिखी है।

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