भारतीय नौसेना ने एक दमदार वीडियो शेयर कर दुश्मनों को चेतावनी दी है। रामधारी सिंह दिनकर की कविता के साथ नौसेना ने अपनी तैयारियों का ऐलान किया है। अब बातचीत नहीं, सीधा जंग का ऐलान!

Indian Navy: भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो शेयर किया है। इसके साथ ही दुश्मनों के लिए ऐलान किया है कि अब याचना नहीं जंग होगा। इस वीडियो के माध्यम से इंडियन नेवी ने बताया है कि वह लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

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नौसेना ने हिंदी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता के साथ वीडियो शेयर किया है। दिनकर की यह कविता मूल रूप से महाभारत युद्ध से पहले कौरवों को भगवान कृष्ण की चेतावनी का काव्यात्मक रूप है। यह बातचीत से कार्रवाई की ओर निर्णायक बदलाव का प्रतीक है। इस वीडियो के साथ इंडियन नेवी ने दुश्मनों को अपनी ताकत दिखाई है। साफ संदेश दिया है कि लड़ाई की नौबत आई तो वह दुश्मन को तबाह करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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ये है कविता

हित वचन नहीं तूने माना

मैत्री का मूल्य नहीं पहचाना

तो ले, मैं भी अब जाता हूं

अंतिम संकल्प सुनाता हूं

याचना नहीं, अब रण होगा

जीवन जय या कि मरण होगा

टकरायेंगे नक्षत्र-निकर

बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर

फण शेषनाग का डोलेगा

विकराल काल मुंह खोलेगा

दुर्योधन रण ऐसा होगा

फिर कभी नहीं जैसा होगा

वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे

सौभाग्य मनुज के फूटेंगे

आखिर तू भूशायी होगा

हिंसा का पर दायी होगा।

इससे पहले 12 मई को DGMO प्रेस ब्रिफिंग के दौरान रामधारी सिंह दिनकर की "याचना नहीं" कविता का उपयोग करके दिए जा रहे संदेश के बारे में पूछे जाने पर एयर मार्शल एके भारती ने रामायण के एक दोहे का हवाला देते हुए कहा था, "विनय न मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीती। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति। (तीन दिन बीत गए, किंतु जड़ (समुद्र) विनय नहीं मानता। तब श्री रामजी क्रोधित होकर कहते हैं- बिना भय के प्रीति नहीं होती!”