नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोग शराब पर सबसे ज़्यादा खर्च करते हैं। तेलंगाना में यह खर्च प्रति व्यक्ति 1,623 रुपये है, जबकि आंध्र प्रदेश में 1306 रुपये है।

नई दिल्ली: भारत में शराब पर सबसे ज़्यादा पैसा खर्च करने वाले राज्यों की सूची जारी हो गई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) द्वारा प्रकाशित एल्कोहलिक पेय पदार्थों से प्राप्त कर राजस्व संग्रह रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोग शराब पर सबसे ज़्यादा प्रति व्यक्ति पैसा खर्च करते हैं। तेलंगाना के लोग प्रतिवर्ष औसतन 1,623 रुपये (2022-23) खर्च करते हैं। वहीं आंध्र प्रदेश के लोग औसतन 1306 रुपये खर्च करते हैं।

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छत्तीसगढ़ 1,227 रुपये, पंजाब 1,245 रुपये और ओडिशा 1,156 रुपये शराब और अन्य मादक पेय पदार्थों पर खर्च करता है। केरल औसतन 379 रुपये खर्च करता है। सूची में केरल नौवें स्थान पर है। राज्य में कुल खपत होने वाली शराब को जनसंख्या से विभाजित करके प्रति व्यक्ति शराब की खपत की गणना की जाती है। NSSO (नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस) के सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, केरल (486 रुपये), हिमाचल प्रदेश (457 रुपये), पंजाब (453 रुपये), तमिलनाडु (330 रुपये), राजस्थान (308 रुपये) इस प्रकार हैं।

शराब पर सबसे कम उत्पाद शुल्क लगाने वाला राज्य झारखंड (67%) और सबसे ज़्यादा गोवा (722%) है। 2014-15 वित्तीय वर्ष में तेलंगाना का प्रति व्यक्ति मादक पेय पदार्थों पर खर्च 745 रुपये था। हालांकि, 2022-23 में यह बढ़कर 1,623 रुपये हो गया। गौर करने वाली बात है कि केरल में शराब पर खर्च की जाने वाली राशि 2014-15 में 1020 रुपये थी जो 2022-23 में घटकर 379 रुपये हो गई। प्रति व्यक्ति उत्पाद शुल्क संग्रह में भी तेलंगाना सबसे आगे है। तेलंगाना का वार्षिक प्रति व्यक्ति संग्रह 4,860 रुपये है। 4,432 रुपये के साथ कर्नाटक दूसरे स्थान पर है।