COVID-19 वैक्सीन का निर्माण और आपूर्ति करने वाली कंपनियों की सराहना भी श्री नारायण मूर्ति ने की लेकिन डेंगू और चिकनगुनिया के लिए वैक्सीन अभी नहीं बना पाने पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि 70 सालों में जिस डेंगू और चिकनगुनिया ने तबाही मचाई है, उसके लिए हमनें क्या किया है, इसका जवाब भी खोजना होगा। 

Infosys founder Narayana Murthy on Gambia Cough syrup case: इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने अफ्रीकी देश गाम्बिया में बच्चों की भारतीय कंपनी की कफ सीरप पीने से हुई मौतों पर शर्मिंदगी जताई है। उन्होंने कहा कि जब देश करोना वैक्सीन बनाने और उसे दुनिया को महामारी से बचाने के लिए देने की उपलब्धियों पर गौरवान्वित हो रहा है, उस दौरान गाम्बिया की घटना शर्मसार करने वाली है। भारत में निर्मित कफ सीरप की वजह से 66 बच्चों की मौत त्रासद है और यह किसी भी देश के लिए शर्मनाक है।

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भारतीय शिक्षा नीति और वैक्सीनेशन ड्राइव को इंफोसिस संस्थापक ने सराहा

एनआर नारायण मूर्ति ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने वैक्सीन बनाने की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। देश के लोगों को टीका लगाने की उपलब्धि हासिल करने के बावजूद विज्ञान में अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। COVID-19 वैक्सीन का निर्माण और आपूर्ति करने वाली कंपनियों की सराहना भी श्री नारायण मूर्ति ने की लेकिन डेंगू और चिकनगुनिया के लिए वैक्सीन अभी नहीं बना पाने पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन बनाने को किसी भी मानक पर खरा उतरने वाली एक बड़ी उपलब्धि हम मानते हैं लेकिन 70 सालों में जिस डेंगू और चिकनगुनिया ने तबाही मचाई है, उसके लिए हमनें क्या किया है, इसका जवाब भी खोजनाहोगा। 

आईटी दिग्गज ने नई शिक्षा नीति की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर कस्तूरीरंगन समिति की सिफारिशों पर आधारित देश की नई शिक्षा नीति काफी अहम परिणाम देगी। उन्होंने कहा कि 2020 में घोषित यूनिवर्सिटी ग्लोबल रैंकिंग के टॉप 250 हॉयर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स में एक भी भारतीय संस्थान नहीं है। 

गाम्बिया में बच्चों की मौत भारत के ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी की विश्वसनीयता पर सवाल

उन्होंने गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत, भारत में निर्मित कफ सीरप पीने से होने की घटना पर गहरा दु:ख जताते हुए कहा कि यह हमारे देश के लिए अकल्पनीय शर्म की बात है। यह हमारी ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाने वाली है। ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी की विश्वसनीयता पर सवाल है।

इंफोसिस साइंस फाउंडेशन ने किया पुरस्कृत

दरअसल, मंगलवार को एनआर नारायण मूर्ति, इंफोसिस सााइंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंफोसिस पुरस्कार समारोह में पहुंचे थे। छह लोगों को यह पुरस्कार हर साल दिया जाता है। पुरस्कार की राशि 1,00,000 अमेरिकी डॉलर है। इस साल इन्फोसिस पुरस्कार-2022 को इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में शोध के लिए सुमन चक्रवर्ती; मानविकी में सुधीर कृष्णास्वामी; जीवन विज्ञान में विदिता वैद्य; गणितीय विज्ञान में महेश काकड़े; भौतिक विज्ञान में निसिम कानेकर, और सामाजिक विज्ञान में रोहिणी पांडे को दिया गया।

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