जयपुर ब्लास्ट (2008) केस में कोर्ट ने सभी चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, सैफुर रहमान और सलमान को फांसी की सजा दी जाएगी। जयपुर के परकोटे में 13 मई 2008 में एक के बाद एक 8 धमाके हुए थे। 

नई दिल्ली. जयपुर ब्लास्ट (2008) केस में कोर्ट ने सभी चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, सैफुर रहमान और सलमान को फांसी की सजा दी जाएगी। जयपुर के परकोटे में 13 मई 2008 में एक के बाद एक 8 धमाके हुए थे। इस हमले में 71 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 185 जख्मी हुए थे। दोषी ठहराए जाने के दौरान आरोपी रहम के लिए गिड़गिड़ाए। उनमें से किसी ने खुद को इंजीनियर तो किसी ने नाबालिग बताया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यासीन भटकल ने दिया था विस्फोटक 
इससे पहले फरवरी 2018 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को गिरफ्तार किया था। जुनैद 2008 में दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों और यूपी कोर्ट ब्लास्ट का मुख्य आरोपी था। जयपुर ब्लास्ट से पहले जुनैद आतिफ अमीन के साथ उदुपी से विस्फोटक लेने गया था। यहां होटल में यासीन भटकल और रियाज भटकल ने इन्हें एक होटल में बड़ी संख्या में डेटोनेटर दिए थे। 

ब्लास्ट से 10 दिन पहले जयपुर पहुंचे थे आतंकी
जुनैद आतिफ अमीन और अन्य साथियों के साथ बम धमाकों से 10 दिन पहले जयपुर पहुंच गए थे। ये लोग तीन अलग अलग टीमों में दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। रेकी के बाद ये दिल्ली लौट आए थे। ब्लास्ट के दिए इन लोगों ने आईईडी को 10 जगहों पर रखा था। इनमें से 1 आईईडी फेल हो गया था। जबकि 9 ब्लास्ट हुए थे। 

15 मिनट में हुए थे 8 धमाके
13 मई 2008 की शाम करीब सात बजे परकोटे में 12 से 15 मिनट के बीच दपोल गेट, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार व सांगानेरी गेट पर 8 बम धमाके हुए थे। इस हमले में कुल 13 आतंकवादी शामिल थे।