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25 लाख नए वोटर जुड़ने पर J-K प्रशासन ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा-वोटर लिस्ट में स्थानीय लोगों का नाम जुड़ेगा

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि वोटर लिस्ट में संशोधन के दौरान सिर्फ स्थानीय लोगों का नाम जुड़ेगा। 1 अक्टूबर 2022 या इससे पहले 18 साल की उम्र पाने वाले युवाओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा। 
 

Jammu and Kashmir admin issued clarification on on reports of inclusion of 25 lakh voters vva
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Srinagar, First Published Aug 20, 2022, 6:35 PM IST

श्रीनगर/जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को मतदाता सूची के संशोधन के बाद 25 लाख से अधिक अतिरिक्त मतदाता मिलने की संभावना है। बाहरी लोगों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा कि यह बात गलत है। निहित स्वार्थों के चलते तथ्यों की गलत बयानी की जा रही है। प्रशासन के अनुसार कश्मीरी प्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल करने की बात गलत है। मतदाता सूची में नामांकन के लिए विशेष प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। संशोधन केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के मौजूदा निवासियों को कवर करेगा। 

सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय द्वारा स्थानीय दैनिक अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन में प्रशासन ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण (summary revision) किया जाता है। कश्मीरी प्रवासियों को अपने नामांकन के स्थान पर, पोस्टल बैलेट के माध्यम से या जम्मू, उधमपुर, दिल्ली आदि में विशेष रूप से स्थापित मतदान केंद्रों के माध्यम से मतदान का विकल्प दिया जाता रहेगा।" 

निहित स्वार्थों के चलते की गई गलत बयानी
प्रशासन ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं कि एक बार पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद 25 लाख से अधिक मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। यह निहित स्वार्थों द्वारा फैलाए गए तथ्यों की गलत बयानी है। मतदाता सूची के संशोधन में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के मौजूदा निवासियों को शामिल किया जाएगा और संख्या में वृद्धि उन मतदाताओं की होगी, जिन्होंने 1 अक्टूबर 2022 या इससे पहले तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है। 

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बयान के बाद हुआ था विवाद
गौरतलब है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिरदेश कुमार की टिप्पणी के बाद विवाद छिड़ गया था। कहा गया था कि अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद पहली बार हो रहे मतदाता सूची में संशोधन में बाहरी लोगों सहित लगभग 25 लाख अतिरिक्त मतदाता जम्मू-कश्मीर की वोटिंग लिस्ट में शामिल होंगे। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया है। मुख्यधारा के राजनीतिक दलों ने निर्वाचन अधिकारी के बयान की कड़ी आलोचना की थी। राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया था कि "गैर-स्थानीय लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल करना जम्मू-कश्मीर के लोगों को बेदखल करने के लिए एक स्पष्ट चाल है।

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