जम्मू-कश्मीर के रामबन जिला में गौ तस्करों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी मोहिता शर्मा ने चार विशेष पुलिस अधिकारियों को सेवामुक्त कर दिया है। इन पर गोतस्करी में लिप्त होने का आरोप है। पुलिस ने सात तस्करों को भी चिंहित किया है। 

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने गो तस्करी में लिप्त अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। गौ तस्करों से संबंध रखने और सहयोग करने के आरोप में पुलिस प्रशासन ने रामबन जिले के चार विशेष पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया है। रामबन की एसएसपी मोहिता शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार चारों एसपीओ स्मगलिंग में लिप्त थे। नौकरी से निकाले गए इन एसपीओ के बैंक खातों में लाखों रुपये की लेनदेन की पुष्टि भी हुई है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इन पुलिस अधिकारियों को किया गया सेवा मुक्त

शनिवार को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में पशु तस्करों के साथ संबंध होने की विभागीय जांच के बाद चार विशेष पुलिस अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहिता शर्मा ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी में संलिप्तता के लिए एसपीओ - ​​फुलैल सिंह, अजीत सिंह, सतीश सिंह और मोहम्मद अयूब उर्फ ​​'मुंदरी' को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का आदेश दिया है।
एसएसपी ने अपने आदेश में कहा कि वे खुद को कुशल पुलिस अधिकारी साबित करने में विफल रहे। गोवंशीय पशुओं की तस्करी में उनकी संलिप्तता अन्य एसपीओ और पुलिस विभाग के अधिकारियों पर बुरा प्रभाव डाल सकती है और जनता के सामने पुलिस की छवि खराब कर सकती है। अधिकारियों ने कहा कि चार एसपीओ के आचरण की जांच का आदेश 28 फरवरी को दिया गया था, जब यह पता चला कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर पशुओं के साथ तस्करों को सुरक्षित मार्ग की सुविधा प्रदान करने में शामिल थे।

सात तस्करों की भी पहचान की गई

अधिकारियों ने कहा कि एसपीओ ने पूछताछ करने पर रामबन जिले के गोजातीय तस्करों के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की और ऐसे सात तस्करों की पहचान भी की गई है। एसपीओ के बैंक खातों का विवरण भी प्राप्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि तीन एसपीओ ने अपने बैंक खातों में अज्ञात व्यक्तियों से कई लाख रुपये प्राप्त किए है। अधिकारियों के अनुसार केवल एसपीओ फुलैल सिंह के बैंक खाते में केवल वेतन लेनदेन पाया गया था।