केंद्र सरकार ने आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति को फॉलो करते हुए जम्मू कश्मीर में तहरीक-ए-हुर्रियत पर बैन लगा दिया है। कुछ दिन पहले ही मुस्लिम लीग पर भी यूएपीए के तहत बैन लगाया गया था। 

Tahreek-E-Hurriyat Ban. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए जम्मू कश्मीर में तहरीक-ए-हुर्रियत पर भी बैन लगा दिया है। यह कार्रवाई यूएपीए के तहत की गई है। कुछ दिन पहले ही गृह मंत्रालय ने इसी तरह से मुस्लिम लीग पर भी प्रतिबंध लगाया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी शेयर की है। तहरीक-ए-हुर्रियत पर जम्मू कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने का आरोप लग चुका है और यह संगठन लगातार भारत विरोधी दुष्प्रचार करता है।

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अलगाववाद को बढ़ावा देता है हुर्रियत

तहरीक-ए-हुर्रियत पर आरोप है कि वह भारत से अलग एक इस्लामिक राज्य और इस्लामी शासन की स्थापना करने की मंशा का प्रचार करता है। इसी सोच की वजह से इस संगठन पर बैन लगाया गया है। यह संगठन भारत विरोधी गतिविधियों के लिए जाना जाता है और लगातार भारत के खिलाफ दुष्प्रचार की वजह से केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। जम्मू कश्मीर में मुस्लिम लीग के बाद यह दूसरा संगठन है जिस पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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मुस्लिम लीग पर लग चुका है बैन

इससे पहले गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि MLJK-MA को "भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक प्रचार" के लिए जाना जाता है। इसके नेता गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान और उसके प्रॉक्सी संगठनों से पैसे जुटाने में शामिल रहे हैं। इस संगठन के लोग अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। गृह मंत्रालय ने कहा है कि MLJK-MA के नेता विशेष रूप से इसके अध्यक्ष मसरत आलम देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव के खिलाफ काम कर रहे हैं।

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