सार
Terrorists in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ में इजाफा हुआ है। 120 से अधिक विदेशी आतंकी एडवांस हथियारों के साथ केंद्र शासित राज्य में छिपे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
Terrorists in Jammu Kashmir: पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर बड़े पैमाने पर विदेशी आतंकवादियों का घुसपैठ जम्मू-कश्मीर में कराया गया है। पिछले कुछ महीनों में केंद्र शासित राज्य में एक बार फिर आतंकियों की गतिविधियां बढ़ती दिख रही है। इन दिनों काफी संख्या में विदेशी आतंकवादियों ने घुसपैठ की है और वह विभिन्न क्षेत्रों में छिपे हुए हैं। देश की खुफिया एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है।
तमाम आतंकवादियों के ठिकानों को एजेंसियों ने ढूंढ़ा
भारतीय खुफिया एजेंसियों को हाल ही में जम्मू-कश्मीर के कठुआ (Kathua) इलाके में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के ठिकानों का पता चला है। इन आतंकियों के पास से NATO ग्रेड के हथियार, जिनमें M4A1 असॉल्ट राइफल और Glock हैंडगन शामिल हैं, बरामद किए गए हैं।
लश्कर के आतंकियों के पास मेड इन पाकिस्तान व मेड इन चाइना वेपन्स
जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले लश्कर के आतंकियों के पास से पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और चीन निर्मित हथियार मिले हैं। लश्कर के पास मेड इन पाकिस्तान और मेड इन चाइना के हथियारों की सबसे अधिक सप्लाई की जा रही है जोकि पाकिस्तानी सेना की सहायता से मिल रहा।
95 प्रतिशत विदेशी आतंकी जैश से जुड़े हुए
रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में छिपे लगभग 120 आतंकियों में से 95% विदेशी नागरिक हैं और इनमें से अधिकतर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए जैश और लश्कर के बीच बढ़ता संघर्ष फायदेमंद साबित हो सकता है। हाल ही में दक्षिण कश्मीर में जैश के आतंकियों का ठिकाना लश्कर के सदस्यों द्वारा ही लीक कर दिया गया था।
इमरान सरकार में जैश ने किया विस्तार
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान ने जैश को पहले अफगानिस्तान के नूरिस्तान और कुनार प्रांतों में सीमित कर दिया था लेकिन इमरान खान (Imran Khan) की सरकार बनने के बाद इन्हें पाकिस्तान में फिर से सक्रिय होने का मौका मिला। हाल के वर्षों में बहावलपुर (Bahawalpur) में जैश की मौजूदगी बढ़ी है जिससे लश्कर के साथ उनके टकराव की शुरुआत हुई।
अमित शाह की जम्मू यात्रा और सुरक्षा समीक्षा
सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले हैं। वह कठुआ में चल रही एंटी-टेररिस्ट ऑपरेशन्स का रिव्यू करेंगे। वह नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर सुरक्षा स्थिति का जायजा भी लेंगे। सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
आतंकवाद को खत्म करने में कश्मीर के लोग कर रहे खूब मदद
सुरक्षा एजेंसियां व पुलिस लगातार ग्राउंड लेवल पर रिसोर्स बढ़ा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए एजेंसियां स्थानीय नागरिकों को जोड़ रही हैं। ग्राउंड लेवल इंटेलिजेंस को भी मजबूत किया जा रहा है। गांववाले भी विश्वास करके सूचनाएं साझा कर रहे हैं। रविवार रात कठुआ जिले में स्थानीय ग्रामीणों ने तीन संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियों की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। ग्रामीणों ने बताया कि संदिग्ध लोग गांवों में खाना मांग रहे थे जिससे उनके इरादों पर संदेह हुआ।