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Kargil Vijay Diwas 2023: जब दिलीप कुमार बोले हैलो तो क्यों शॉक्ड रह गए नवाज शरीफ? मुशर्रफ ने भारत में बिताई रात- 10 PHOTOS
Kargil Vijay Diwas 2023. फरवरी 1999 में भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के बीच दोस्ती पर बात हुई। इसके कुछ ही महीनों बाद पाकिस्तान ने कारगिल में 5000 से ज्यादा सैनिक और हजारों आतंकी तैनात कर दिए।

जब वाजपेयी ने नवाज शरीफ को मिलाया फोन
तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को जब कारगिल में घुसपैठ बात पता चली तो उन्होंने तुरंत नवाज शरीफ को फोन मिलाया और कहा कि आपने मेरे साथ बुरा सलूक किया है। एक तरफ आप लाहौर में गले मिले और दूसरी तरफ कारगिल की पहाड़ियों पर कब्जा कर रहे हैं। नवाज शरीफ ने कहा कि मुझे इस बात की जरा भी जानकारी नहीं है।
दिलीप कुमार ने की नवाज शरीफ से बात तो वे हो गए हैरान
अटल बिहारी वाजपेयी ने उसी वक्त फोन मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार को फोन मिला दिया। दिलीप कुमार ने नवाज शरीफ से कहा- मियां साहब, हमें आपसे इसकी उम्मीद नहीं थी क्योंकि आपने हमेशा भारत और पाकिस्तान के बीच अमन की बात की है। दिलीप कुमार की बात सुनकर नवाज शरीफ चौंक गए क्योंकि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि दिलीप कुमार इस मुद्दे पर बात करेंगे।
लामा ने हेलीकॉप्टर से बरसाईं गोलियां
पाकिस्तान के सैनिक भारतीय चरहवाहों को बंधक बनाना चाहते थे लेकिन वे चरवाहे भारतीय सैनिकों के साथ पहुंचे और दूरबीन से देखा कि बहुत सैनिक हैं। फिर एक लामा ने हेलीकॉप्टर से आजम, तारिक और तशफीन चौंकियों पर जमकर गोलियां बरसाईं जिससे पाक सैनिकों की पोल खुल गई।
पहली बार किया गया था बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने पहली बार बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल किया था। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक पूरा किया। तब बिक्रम बत्रा ने कारगिल की चोटी से नारा दिया था- यह दिल मांगे मोर। इस नारे से विक्रम बत्रा पूरे देश के हीरो हो गए।
भारतीय वायुसेना ने दिखाया था अदम्य साहस
कारगिल युद्ध के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान पर इतने बम बरसाए कि पाकिस्तानी एयरफोर्स के विमान भारतीय विमानों के सामने आने से डरने लगे थे। इस तस्वीर में भारतीय वायुसेना के अधिकारी तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी के पाकिस्तानी वायुसेना विमान के अवशेष दिखा रहे हैं।
चरवाहे ने दी थी पाकिस्तानी घुसपैठ की पहली सूचना
ताशी नामग्याल नाम के स्थानीय चरवाहा कारगिल के बाल्टिक सेक्टर में अपने याक की तलाश कर रहा था। इसी खोज के दौरान पहली बार उसे पाकिस्तानी सैनिक दिखाई दिए। इसकी सूचना नामग्याल ने भारतीय सेना को दी।
भारतीय सेना प्रमुख को पोलैंड में मिली जानकारी
जिस वक्त पाकिस्तानी सेना ने भारतीय चौकियों पर कब्जा किया, उस वक्त सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक पोलैंड और चेक रिपब्लिक के दौरे पर थे। वहीं पर उन्हें भारतीय राजदूत ने कारगिल में घुसपैठ की जानकारी दी। इसके बाद सेना प्रमुख भारत के लिए रवाना हो गए।
भारतीय सेना के जांबाजों ने दिखाया अदम्य साहस
कारगिल युद्ध में भारत के 527 वीर सैनिकों ने शहादत दी थी। वहीं पाकिस्तान के 1000 से 1200 सैनिक कारगिल युद्ध की भेंट चढ़े थे। पाकिस्तान दावा करता है कि उसके 600 सैनिक मरे थे लेकिन माना जाता है कि इससे कई गुना ज्यादा सैनिक मरे थे। भारत के 1300 से ज्यादा सैनिक इस युद्ध में घायल हुए थे। आज भी भारतीय सैनिकों की याद में हर वर्ष विजय दिवस मनाया जाता है।
परवेज मुशर्रफ ने भारतीय सीमा में बिताई थी रात
परवेज मुशर्रफ ने कारगिल में हेलीकॉप्टर से भारतीय सीमा में प्रवेश किया और करीब 11 किलोमीटर तक अंदर आकर उन्होंने एक जगह पर रात बिताई थी। माना जाता है कि इस युद्ध के पीछे परवेज मुशर्रफ की ही प्लानिंग थी और वे खुद स्थिति पर लगातार निगरानी कर रहे थे।
कारगिल युद्ध पर बनी हैं कई फिल्में
कारगिल युद्ध पर बॉलीवुड में कई फिल्में बनीं। इनमें कारगिल, धूप, स्टम्पड, लक्ष्य, टैंगो चार्ली, मौसम और शेरशाह जैसी मूवी सुपर-डुपर हिट रहीं। इन फिल्मों ने भारतीय सेना के नायकों को दुनिया के सामने रखा। कैप्टन मनोज पांडेय, विक्रम बत्रा जैसे हीरोज को घर-घर पहुंचा दिया।
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