Asianet News HindiAsianet News Hindi

Mysterious death: बेंगलुरु में 4 दिन से पड़ी थी एक फैमिली के 5 लोगों की डेड बॉडी, इनमें 9 महीने की बच्ची भी

कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरु (Bengaluru) में एक ही फैमिली के 5 लोगों की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इनमें 9 महीने की बच्ची भी है। सभी की मौत 4 दिन पहले हुई थी, लेकिन शुक्रवार को घटना का पता चला।

Karnataka Mysterious death of 5 people of same family in Bengaluru
Author
New Delhi, First Published Sep 18, 2021, 10:14 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

बेंगलुरु, कनार्टक. यहां एक ही फैमिली के 5 लोगों की रहस्यमयी मौत (Mysterious death) का मामला सामने आया है। हालांकि शुरुआती जांच में यह सुसाइड का मामला नजर आ रहा है, लेकिन पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है। हैरानी की बात यह है कि मरने वालों में 9 महीने की एक बच्ची भी शामिल है। मामला बेंगलुरु के बयादरहल्ली (Byadarahalli) में हुआ। जब मौके पर पुलिस पहुंची, तो 4 लोगों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले, जबकि 9 साल की बच्ची का शव बेड पर पड़ा हुआ था। इस दौरान ढाई साल की एक बच्ची जिंदा मिली।

घर के मुखिया के पहुंचने पर हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आएगी। हालांकि जांच शुरू कर दी गई है और सुसाइड और मर्डर दोनों एंगल से जांच जारी है। यह मामला शुक्रवार को सामने आया था। मरने वालों में 51 साल की भारती, 34 साल के सिंचना, 31 साल की सिंधूरानी, 25 साल के मधुसागर और सिंधूरानी की 9 महीने की बेटी शामिल है। घटना का पता तब चला, जब मुखिया शंकर घर पहुंचा। वो काम के सिलसिले में बाहर गया था। उसने पुलिस को बताया कि घर के लोग कई दिनों से उसका फोन नहीं उठा रहे थे। इसके बाद उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई और वो घर लौटा।

यह भी पढ़ें-नौकरी करने गई थी, नहीं पता था 4 लोग जिंदगी नर्क बना देंगे, मिलने पहुंची सहेली को भी दरिंदों ने नहीं छोड़ा

बच्ची की मौत भूख की वजह से
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के चारों सदस्यों ने अलग-अलग कमरे में जाकर फांसी लगाई। जबकि बच्ची की मौत भूख की वजह से हुई होगी। जो ढाई साल की बच्ची जिंदा मिली, उसका नाम प्रेक्षा है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(पश्चिम) सौमेंदु मुखर्जी ने बताया कि पांचों की मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। लाशों के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घर का मुखिया शंकर हादसे के बाद से सदमे में है। उसकी स्थिति ठीक होने पर पूछताछ की जाएगी। हालांकि शंकर ने बताया कि उनकी बेटियां अपने पतियों से झगड़कर घर आई थीं। इस मुद्दे को सुलझाने के बजाय शंकर पत्नी मधु ने बेटियों को घर पर ही रोक लिया था।

यह भी पढ़ें-Terror module: त्यौहार पर देश में ब्लास्ट की साजिश रच रहा एक और आतंकवादी अरेस्ट, 6 पहले पकड़े जा चुके हैं

बेटियों को पढ़ाने कड़ी मेहनत की थी
शंकर के मुताबिक, वे अपनी बेटियों की एजुकेशन को लेकर चिंतित रहते थे। कड़ी मेहनत करके उन्हें पढ़ाया था। शंकर एक निजी कंपनी में इंजीनियर है। सिंचना अपनी बेटी का कान छिंदवाने के समारोह को लेकर पति से लड़कर मायके आई थी।

यह भी पढ़ें-WB post poll violence: हिंसा का तांडव करने वालों पर CBI कसता जा रहा शिकंजा, 2 और FIR; अब तक 37 केस दर्ज

पड़ोसियों ने बताया ये
पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि शंकर और उसके बेटे मधुसागर के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई हुई थी। इसके बाद शंकर घर से बाहर चला गया था।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios