केरल के कोल्लम में देश की पहली डिजिटल कोर्ट की शुरुआत हुई है, जहाँ चेक बाउंस से जुड़े मामलों का निपटारा ऑनलाइन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने '24x7 ऑनकोर्ट' नामक इस पहल का उद्घाटन किया।

नेशनल न्यूज। केरल के कोल्लम में देश की पहली डिजिटल कोर्ट की शुरुआत की गई है। इसमें चेकबाउंस संबंधित मामलों का निपटारा किया जाएगा। हाईकोर्ट के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इस ऑनलाइन कोर्ट को लॉन्च किया गया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने कोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना के समय के दौरान ऑनलाइन वर्किंग के बूम के बारे में भी चर्चा की। डिजिटल कोर्ट को '24x7 ऑनकोर्ट' का नाम दिया गया है। माना जा रहा है कि इस कोर्ट के शुरू होने से समय की बचत होगी और कई पेंडिंग मामले भी तेजी से निपटाए जा सकेंगे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ऑनलाइन विचार विमर्श करने का मिलेगा मौका
हाईकोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में न्यायमूर्ति गवई ने ऑनलाइन डिबेट पोर्टल भी लॉन्च किया जो स्टेक होल्डर्स को घर बैठे विचार विमर्श करने की सुविधा देगा। इससे कोर्ट परिसर में भी भीड़ कम होगी। डिजिटल कोर्ट को बनाने का उद्देश्य है कि पारंपरिक कोर्ट से हटकर भविष्य की संभावनाओं के लिए डिजाइन किया गया है। बताया जा रहा है कि दो दिन के भीतर इस पर काम भी शुरू किए जाने की तैयारी है।

पढ़ें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 शिक्षक भर्ती की मेरिट किया, संकट में हजारों नौकरियां

सामाजिक और आर्थिक न्याय का सपना साकार होगा
जस्टिस गवई ने कहा कि मुझे यकीन है कि डिजिटल कोर्ट के माध्यम से देश के हर नागरिक के लिए मुकदमा लड़ना आसान होगा। वह बहुत ही कम खर्च में न्याय पा सकेगा। देश के आम नागरिकों को राजनीतिक न्याय के साथ सामाजिक और आर्थिक न्याय भी मिल सकेगा। यह सब डिजिटल वर्क का है इसलिए आने वाले समय को देखते हुए ऑनलाइन कोर्ट काफी अच्छी पहल है। 

केरल के सीएम भी पहुंचे थे कार्यक्रम में
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी डिजिटल कोर्ट के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने इस दौरान एर्नाकुलम और अलाप्पुझा में स्पेशल कोर्ट का उद्घाटन किया। इस कोर्ट में एससी/एसटी अधिनियम के तहत उनपर हो रहे अत्याचार के मामले और बीयूडीएस अधिनियम के अंतर्गत अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध को लेकर आने वाले मामलों की सुनवाई होगी।