केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति का पारा चढ़ने लगा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अलझुप्पा में आपसी विवाद के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक कार्यकर्ता की हत्या ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार रात को यह घटना हुई। इस मामले में एसडीपीआई के 8 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गुरुवार को यहां एक दिन के बंद का आह्वान किया गया था। 

तिरुवनंतपुरम, केरल. अलप्पुझा जिले में बुधवार रात दो समूहों की आपसी झड़प में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) कार्यकर्ता की हत्या ने सियासत गर्मा दी है। चेर्थला के पास नगमकुलनगर इलाके में हुए इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के 6 लोग घायल हुए थे। उन्हें अलप्पुझा और एर्नाकुलम के अलग-अलग हास्पिटल्स में भर्ती कराया गया है। इसमें एक कार्यकर्ता नंदू(23) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंद का आह्वान किया था। इस मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के 8 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। 

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ऐसे हुई झगड़े की शुरुआत
कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक भाजपा की विजय यात्रा की शुरुआत के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केरल यात्रा के विरोध में SDPI ने पिछले दिनों एक मार्च निकाला था। इसके बाद से इलाके में तनाव था। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। SDPI चंदा संग्रह अभियान का भी विरोध कर रहा है।

बुधवार दोपहर SDPI ने यात्रा निकाली थी। इसमें दिए गए भाषण पर आरएसएस कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद झगड़ा बढ़ गया था। बता दें कि SDPI पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का राजनीतिक संगठन है। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा था कि केरल इस्लामिक आतंकवाद के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है। वे पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।