केरल वक्फ बोर्ड ने हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उसे बड़े फैसले लेने से रोक दिया गया था। बोर्ड ने कहा कि इस रोक के कारण वह निष्क्रिय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगा।
केरल वक्फ बोर्ड ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें वक्फ (संशोधन) अधिनियम के तहत बोर्ड के गठन में हुए कथित उल्लंघनों से जुड़े मुद्दे हल होने तक कोई भी बड़ा फैसला लेने से रोक दिया गया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की बेंच ने इस मामले को अगले सोमवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की है। आज, याचिकाकर्ता राज्य वक्फ बोर्ड के वकील ने याचिका का उल्लेख किया और अदालत को सूचित किया कि कोई भी बड़ा फैसला लेने से रोकने वाले हाईकोर्ट के आदेश ने इसे व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय बना दिया है।
क्या था हाईकोर्ट का आदेश?
केरल हाईकोर्ट ने 15 जुलाई को एक अंतरिम निर्देश जारी कर राज्य वक्फ बोर्ड को कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला लेने से रोक दिया था। हाईकोर्ट ने यह पाया था कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के अनुसार इसके गठन में अनियमितताएं थीं।
आरोप है कि बोर्ड ने अपने गठन में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की आवश्यकता का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट का यह निर्देश भाजपा नेता शॉन जॉर्ज द्वारा दायर याचिका सहित कई जनहित याचिकाओं पर आया था।
अन्य प्रतिबंधों के अलावा, हाईकोर्ट ने बोर्ड को यह भी निर्देश दिया था कि वह अदालत की अनुमति के बिना पूंजीगत व्यय से जुड़ा कोई भी निर्णय न ले।
यह मामला सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
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