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कोलार गोल्ड फील्ड, जिसे हम 'KGF' के नाम से जानते हैं, उसे लेकर सामने आ रही ये चाैंकाने वाली खबर

पिछले हफ्ते एक खबर मीडिया की सुर्खियों में है। पिछले 5 वर्षों में 4 राज्यों द्वारा नीलाम की गई 6 सोने की खदानों से संबंधित सरकारों को 2,035.44 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। नीलामी की लीज अवधि के लिए आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश राज्यों को अपने राजस्व का एक हिस्सा मिलेगा। 

Kolar Gold Fields, KGF again in media headlines, will gold mine open again kpa
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First Published Oct 26, 2022, 11:17 AM IST

ट्रेंडिंग न्यूज. 2018 में आई यश अभिनीत और प्रशांत नील द्वार डायरेक्टर कन्नड़ फिल्म  'KGF' ने कमाई में फिल्म इंडस्ट्री में एक रिकॉर्ड गढ़ा। जिस जगह KGF शूट हुई थी यानी कोलार गोल्ड फील्ड यानी गोल्ड माइन को लेकर इन दिनों फिर से एक चर्चा है। यह गोल्ड माइन 2021 से बंद है। जानिए आखिर क्यों चर्चा में है ये गोल्ड माइन...

5 सालों में KGF सहित गोल्डन माइन से सरकार कमाएगी 2,035.44 करोड़ रुपए
पिछले हफ्ते एक खबर मीडिया की सुर्खियों में है। पिछले 5 वर्षों में 4 राज्यों द्वारा नीलाम की गई 6 सोने की खदानों से संबंधित सरकारों को 2,035.44 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। नीलामी की लीज अवधि के लिए आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश राज्यों को अपने राजस्व का एक हिस्सा मिलेगा। 

यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ माइन्स के हाई सोर्स के हवालों से मीडिया रिपोर्ट कहती हैं कि आंध्र प्रदेश ने एक खदान की नीलामी की है, जिससे 1,058.05 करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद है, जबकि छत्तीसगढ़ को खदान के लिए अपने खजाने में ₹110.45 करोड़ जोड़ने की संभावना है। झारखंड को 2 खदानों के साथ ₹ 848.09 करोड़ मिलेंगे। माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेग्युलेशन-MMDR) एक्ट, 1957 के प्रावधानों के तहत नीलामी के लिए दो खदानों के पट्टे से सांसद का हिस्सा ₹18.84 करोड़ है। इनमें से आंध्र प्रदेश में जोनागिरी गोल्ड माइन(Jonnagiri Gold Mine) का अनुबंध जियोमिसोर सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जबकि मेसर्स मनमोहन मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के पास झारखंड में कुंदरकोचा और लावा ब्लॉक के लिए खनन अनुबंध है।

KGF को भी फिर खोलने पर विचार
इनके अलावा कर्नाटक में हीराबुद्दीन गोल्ड माइन(Hirabuddin Gold Mine), वोंडली गोल्ड माइन, मैंगलूर गोल्ड माइन, हुट्टी गोल्ड माइन, यूटी गोल्ड माइन, नौंदुदुर्ग गोल्ड माइन और यूटी गोल्ड माइन में खनन हो रहा है।

इधर, खनन मंत्रालय ने कोलार यानी KGF में सोने के खनन को 2 दशक से अधिक समय बाद फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसे फायदा नहीं होने के चलते बंद कर दिया गया था। अब खान मंत्रालय की एक इंटरनल स्टडी से पता चला है कि दो ब्लॉकों में सोने और खनिज भंडार और कोलार खदानों में टेलिंग डंप(tailing dump) एक साथ लगभग 30,000 करोड़ रुपये प्राप्त कर सकते हैं। टेलिंग डम्प का मतलब माइन में कीमती और बेकार अयस्क को अलग करके छोड़ा गया मटैरियल है। 

21 साल पहले बंद हो गई थी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (BGML) को बंद करने का फैसला किया था। बीजीएमएल एक पूर्व सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम अप्रैल, 1972 में खान विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कोलार गोल्ड फील्ड्स (केजीएफ) में अपने कार्यालय के साथ शामिल किया गया था, जो अब बॉक्स ऑफिस पर हिट केजीएफ अध्याय 2 के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। कंपनी के बंद होने के बाद से इसके फिर से खोलने की मांग बनी हुई है। कई राज्य और केंद्रीय मंत्री भी कंपनी को फिर से खोलने पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, केंद्र ने 2021 में स्पष्ट कर दिया है कि इसका कोई प्रस्ताव नहीं है। चूंकि KGF का संचालन आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं रहा था, इसलिए 12 जून 2000 को इसके बंद करने का आदेश निकाला गया था। इस तरह BGML ने 1 मार्च 2001 से प्रभावी रूप से इसे बंद कर दिया था। 

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