महाराष्ट्र विधानमंडल अब नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) को अपनाएगा, जिससे कामकाज पेपरलेस होगा। पीएम मोदी के 'वन नेशन, वन एप्लीकेशन' विजन के तहत मुंबई में हुई बैठक में इसे जल्द लागू करने पर सहमति बनी है।

नई दिल्ली [भारत], 17 जुलाई (एएनआई): डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाराष्ट्र विधानमंडल ने नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) को अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

जारी विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र विधानमंडल में NeVA परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 16 जुलाई को विधान भवन, मुंबई में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग और महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय के बीच एक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बनी कार्यान्वयन पर सहमति

इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और NeVA के मिशन लीडर सत्य प्रकाश ने भाग लिया। महाराष्ट्र विधानमंडल का प्रतिनिधित्व सचिव-I जितेंद्र भोले और सचिव-IV सुदर्शन साठे ने किया। महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग की सचिव सुप्रिया ढिवरे और चेयरमैन के निजी सचिव पंडित खेडकर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक इस आम सहमति के साथ समाप्त हुई कि भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय और महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने में तेजी लाई जाएगी, जिससे राज्य में परियोजना के शीघ्र कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो सके।

चर्चाओं में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे के मार्गदर्शन में, महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र विधानमंडल की NeVA के माध्यम से एक कागज रहित, पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित विधानमंडल स्थापित करने की प्रतिबद्धता दिखाई दी। बैठक के दौरान, NeVA के लिए कार्यान्वयन रोडमैप पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसमें सॉफ्टवेयर की विशेषताएं और वर्कफ्लो, तकनीकी अवसंरचना, संस्थागत तैयारी, परियोजना के तहत वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण, कार्यान्वयन की समय-सीमा और भाग लेने वाली एजेंसियों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां शामिल थीं।

सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता, परियोजना कार्यान्वयन, फंडिंग पैटर्न, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण आवश्यकताओं और अन्य परिचालन पहलुओं से संबंधित विभिन्न प्रश्नों पर अतिरिक्त सचिव और NeVA के मिशन लीडर सत्य प्रकाश द्वारा चर्चा और स्पष्टीकरण दिया गया। चर्चा रचनात्मक और फलदायी रही, और महाराष्ट्र विधानमंडल ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने को प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की।

क्या है नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA)?

नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय का एक मिशन मोड प्रोजेक्ट है, जो डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत आता है, जिसका उद्देश्य विधायी कार्यों के संचालन के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों का डिजिटलीकरण करना है। 673.94 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ स्वीकृत यह परियोजना सदस्यों को विधायी कार्यों तक इलेक्ट्रॉनिक रूप से पहुंचने में सक्षम बनाती है, जिससे कागज रहित, पारदर्शी और कुशल विधायी कामकाज को बढ़ावा मिलता है।

महाराष्ट्र में परियोजना की लागत और लाभ

परियोजना में महाराष्ट्र विधानसभा और महाराष्ट्र विधान परिषद में NeVA के कार्यान्वयन का प्रावधान शामिल है, जिसमें मुंबई और नागपुर में उनके स्थान भी शामिल हैं, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 48 करोड़ रुपये है। परियोजना के कार्यान्वयन से सदस्यों को अपनी विधायी जिम्मेदारियों को अधिक कुशलता से निभाने में मदद मिलेगी, जबकि नागरिकों को विधायी कार्यों और कार्यवाही तक आसान पहुंच प्रदान होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, सार्वजनिक भागीदारी मजबूत होगी और डिजिटल रूप से सशक्त विधायी पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान मिलेगा।

अब तक, 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों ने संसदीय कार्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, और 21 विधानमंडल पहले ही पूरी तरह से डिजिटल हाउस में बदल चुके हैं। महाराष्ट्र विधानमंडल द्वारा NeVA को अपनाना परियोजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और देश के डिजिटल विधायी पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करेगा। (एएनआई)

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