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तब्लीगी जमात के एक शख्स ने हॉस्पिटल में की आत्महत्या की कोशिश, प्रशासन के लिए ऐसे खड़ी कर रहे हैं परेशानी

दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती मरकज निजामुद्दीन के एक व्यक्ति ने आज आत्महत्या करने की कोशिश की। उसे अस्पताल के अधिकारियों ने बचा लिया।

man from Tabligi Jamaat tried suicide at Delhi's Rajiv Gandhi Super Specialty Hospital kpn
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New Delhi, First Published Apr 1, 2020, 9:14 PM IST
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नई दिल्ली. निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात जलसे की वजह से कोरोना वायरस का खतरा तेजी से फैला है। जमात के लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। इसके बाद भी तब्लीगी जमात के जलसे में शामिल लोग परेशानी पर परेशानी खड़ी करने से बाज नहीं आर रहे हैं। दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती मरकज निजामुद्दीन के एक व्यक्ति ने आज आत्महत्या करने की कोशिश की। उसे अस्पताल के अधिकारियों ने बचा लिया।

डॉक्टरों पर थूमके का आरोप
उत्तर प्रदेश के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया, तब्लीगी जमात निजामुद्दीन के 167 लोग कल रात 9 बजकर 40 मिनट पर 5 बसों में तुगलकाबाद क्वारंटाइन सेंटर पहुंचे थे। 97 लोगों को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल में और बाकी 70 को आरपीएफ बैरक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। उन्होंने काम करने वाले सभी लोगों और डॉक्टरों पर थूकना शुरु कर दिया। 

हॉस्टल बिल्डिंग में घूम रहे हैं, तरह-तरह के खाने की डिमांड कर रहे हैं
दीपक कुमार ने बताया, ये लोग सुबह से ही परेशान कर रहे हैं। टाइम-टाइम पर कई तरह के खाने की डिमांड कर रहे हैं। इसके अलावा क्वारंटाइन सेंटरों के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार भी कर रहे हैं। रोकने के बाद भी हॉस्टल बिल्डिंग में भी घूम रहे थे। 

क्या है निजामुद्दीन मरकज तब्लीगी जमात मामला?
- निजामुद्दीन में 1 से 15 मार्च तक तब्लीगी जमात मरकज का जलसा था। यह इस्लामी शिक्षा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हुए जलसे में देश के 11 राज्यों सहित इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से भी लोग आए हुए थे। यहां पर आने वालों की संख्या करीब 5 हजार थी। जलसा खत्म होने के बाद कुछ लोग तो लौट गए, लेकिन लॉकडाउन की वजह से करीब 2 हजार लोग तब्लीगी जमात मरकज में ही फंसे रह गए। लॉकडाउन के बाद यह इकट्ठा एक साथ रह रहे थे।
- तब्लीगी मरकज का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार प्रशासन को बताया कि उनके यहां करीब 2 हजार लोग रुके हुए हैं। कई लोगों को खांसी और जुखाम की भी शिकायत सामने आई। इसी दौरान दिल्ली में एक बुजुर्ज की मौत हो गई। जांच हुई तो पता चला कि वह कोरोना संक्रमित था और वहीं निजामुद्दीन में रह रहा था। तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
- खुलासा होने के बाद तब्लीगी मरकज से लोगों को निकाला गया। जो तब्लीगी मरकज से लौटकर अपने घर गए थे, वे भी कोरोना संक्रमित पाए गए। उनमें 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तेलंगाना में 6, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में एक-एक व्यक्ति की मौत कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।

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