मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई बर्बरता के बाद मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पद से हटाने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं हालांकि सूत्रों का कहना है वह अभी पद पर बने रहेंगे।

नेशनल डेस्क. मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। दो समुदायों के बीच जारी संघर्ष ने लोगों की इंसानियत तक मार दी। अब तक तो केवल मार-काट की खबरें सामने आ रही थीं लेकिन बुधवार को दो महिलाओं के साथ हैवानियत और बर्बरता को जो वीडियो सामने आया है। उसने आमजन से लेकर राजनीति में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया से लेकर हर जगह लोगों का गुस्सा फूट रहा है। पीएम मोदी ने भी दोषियों को न बख्शने की बात कही। महिलाओं के साथ हुई यौन हिंसा के बाद कांग्रेस सहित विपक्ष दलों ने इसे बीजेपी सरकार की नकामी बताते हुए सीएम एन बीरेन सिंह को हटाने की मांग की हालांकि सूत्रों का कहना है मणिपुर के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे और उनकी पहली प्राथमिकता राज्य में शांति-व्यवस्था को बहाल करना है।

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राज्य में शांति कायम करना पहली प्राथमिकता

एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार के सूत्रों का कहना है- इस वक्त सीएम बदलने पर कोई चर्चा नहीं है। बल्कि पहली प्राथमिकता राज्य की कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। मणिपुर में स्थिति नियंत्रण में है। वहीं गृहमंत्री ने कुकी समुदाय के लोगों से बात कर उन्हें त्वरित कार्रवाई का आश्वसन दिया। सूत्रों का कहना है, केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकार के संपर्क में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

कब और कहा कि है ये घटना ?

बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें हजारों की भीड़ महिलाओं को नग्न घुमाते हुए दिख रही है। महिलाओं के साथ यौन हिंसा की जा रही है, उन्हें खेतों की ओर ले जाया गया। जहां उनमें से एक के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। दो महिलाओं के साथ हुई इस भयावहता की शिकायत 18 मई को पुलिस में की गई थी जबकि, मामले में 21 जून को एफआईआर दर्ज हुई। 70 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वीडियो वायरल होने पर उपजे आक्रोश के बाद पुलिस नींद से जागी और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस घटना को लेकर अब तक चार लोगों को अरेस्ट किए जाने की खबर है।

चीफ जस्टिस और पीएम मोदी ने जताया दुख

महिलाओं को नग्न घुमाने के मामले का SC ने भी संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं के साथ जो हुआ वो अस्वीकार्य है। सरकार इस पर त्वरित कार्रवाई करे। कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो हम करेंगे। वहीं दूसरी ओर मानसून सत्र से पहले मीडिया से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा 'मेरा ह्रदय पीड़ा से भरा हुआ है। क्रोध से भरा हुआ है। मणिपुर की जो घटना सामने आई है। किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं? कौन हैं? वो अपनी जगह पर हैं लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है।'

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बीजेपी पर हमलावर कांग्रेस

मणिपर में महिलाओं के साथ हुए घृणित कांड के बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है। कांग्रेस का कहना है मणिपुर हिंसा मामले में प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में बयान दें। वहीं कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए कहा "1,800 घंटे से अधिक की समझ से परे और अक्षम्य चुप्पी के बाद प्रधानमंत्री ने अंततः मणिपुर पर कुल 30 सेकंड बात की। उन्होंने शांति के लिए कोई अपील नहीं की, न ही मणिपुर के मुख्यमंत्री से पद छोड़ने के लिए कहा" उन्होंने पीएम मोदी पर अन्य राज्यों, विशेषकर विपक्ष द्वारा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बराबरी करके शासन की भारी विफलताओं और मानवीय त्रासदी से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

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मणिपुर हिंसा पर चर्चा करने सहमत सरकार

बता दें, मणिपुर में तीन मई से जारी जातीय हिंसा के बाद से इस मसले पर कांग्रेस पीएम मोदी की चुप्पी और सरकार की निष्क्रियता की आलोचना कर रही है। राज्य में महिलाओं के साथ हुए घृणित कांड के बाद विपक्ष के तेवर और तल्ख हो गए हैं। वहीं सरकार मणिपुर हिंसा पर चर्चा कराने पर सहमत है। सूत्रों ने कहा कि गृहमंत्री सदन में मणिपुर हिंसा पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।

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