Cloud Burst in Chashoti: गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के चशोती इलाके में बादल फटने से हादसा हुआ। अब तक 33 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं।

Cloud Burst in Chashoti: गुरुवार को जम्मू कश्मीर के चशोती इलाके में बादल फटने की एक त्रासद घटना हुई है। गुरुवार दिन में करीब 12.30 बजे हुई इस घटना के दौरान काफी लोग पानी और मलबे की चपेट में आ गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बादल फटने के हादसे में कम से कम 33 लोगों की जान चली गई है। इस हादसा में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। बताया जा रहा है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक बचाव दलों की मौके पहुंच चुके हैं। कुछ शवों को निकाल लिया गया है। रेस्क्यू जारी है। टीम ने 65 से अधिक लोगों को बचाया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

एक्स पर किए एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया है कि उन्होंने किश्तवाड़ जिले के जिलाधिकारी से बात की है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू कश्मीर में विपक्ष के नेता और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा के जानकारी देने के बाद उन्होंने तुरंत जिलाधिकारी पंकज कुमार शर्मा से बात की।

हर संभव सहायता देने का निर्देश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा, "किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना से मैं व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों को प्रभावितों की मदद के लिए बचाव और राहत अभियान तेज करने और हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया गया है।"

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

श्रीनगर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4-6 घंटे में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में तेज या हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली, गरज और तेज हवाओं के साथ अचानक बूंदाबांदी भी हो सकती है। कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, श्रीनगर, गांदरबल, बडगाम, पुंछ, राजौरी, रियासी, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ के पहाड़ी इलाकों में थोड़ी देर के लिए तेज बारिश पड़ सकती है।कुछ पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में बादल फटना, अचानक बाढ़ या भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।

हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बादल फटने की कई घटनाएं हुई हैं। इन प्राकृतिक हादसों में भारी विनाश भी हुआ है। जम्मू-कश्मीर की इस घटना के बारे में अभी अधिक ब्योरा नहीं मिल सका है।

यह भी पढ़ें: 15 अगस्त 2025 इस बार क्यों है खास? थीम से लेकर जानें क्या-क्या दिखेगा नया