भारत में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है। तेजी से बढ़ते हुए मामलों के बीच कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, सरकार ऑक्सीजन की कमी को खत्म करने के लिए पूरा जोर लगा रही है।

नई दिल्ली. भारत में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है। तेजी से बढ़ते हुए मामलों के बीच कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, सरकार ऑक्सीजन की कमी को खत्म करने के लिए पूरा जोर लगा रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फरवरी के आखिरी हफ्ते से 17 अप्रैल तक ऑक्सीजन की सप्लाई चार गुना तक बढ़ाई गई है। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फरवरी के आखिरी हफ्ते में 1,273 एमटी/दिन सप्लाई हो रही थी। अब यह बढ़कर 17 अप्रैल तक 4,739 एमटी/दिन तक सप्लाई हो रही है। राज्यों को ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। हाल ही में सरकार ने राज्यों से 9 सेक्टरों को छोड़कर बाकी उद्योगों में ऑक्सीजन सप्लाई रोकने के लिए कहा है। इसके अलावा रेलवे ने ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलाने का ऐलान किया है।

सरकार ने 9 सेक्टरों को छोड़कर बाकी उद्योगों की ऑक्सीजन सप्लाई बंद रहेगी रोकी
ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि बहुत जरूरी ना हो तो उद्योगों की ऑक्सीजन सप्लाई बंद की जाए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि 22 अप्रैल से 9 सेक्टरों को छोड़कर बाकी उद्योगों को ऑक्सीजन की सप्लाई बंद रहेगी। उन्होंने कहा, अस्पतालों में पर्याप्त मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई जारी रखने के लिए ऐसा किया जाएगा।

इन 9 सेक्टरों में जारी रहेगी सप्लाई
- एम्पुल्स और वायल्स, फार्मास्युटिकल , पेट्रोलियम रिफायनरी , स्टील प्लांट , न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट्स , ऑक्सीजन सिलेंडर मैन्युफैक्चरर्स , वेस्ट वाटर प्लांट्स , फूड एंड वाटर प्यूरीफिकेशन , प्रोसेस इंडस्ट्री, जिन्हें संबंधित प्राधिकरण द्वारा अप्रूव्ड भट्टियों, प्रक्रियाओं, दूसरों के निर्बाध संचालन की जरूरत होती है।