सूरत सेशन कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शुक्रवार को हाईकोर्ट में अपील करेंगे। सूरत कोर्ट ने उनके तीन में से एक अर्जी खारिज की है। कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। 

नई दिल्ली। मोदी सरनेम मामला (Modi surname remark) में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi Defamation Case) की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहीं हैं। सूरत मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेज कोर्ट ने 23 मार्च को राहुल गांधी को दो साल जेल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उन्हें 30 दिन की जमानत दी थी ताकि वे ऊपरी कोर्ट में आदेश को चुनौती दे सकें।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

राहुल गांधी ने सूरत सेशन कोर्ट (Rahul Gandhi Surat Court) में तीन अर्जी दी थी, जिसमें से एक खारिज हो गई है। उनकी जमानत अभी जारी है। पहली अर्जी में लोअर कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। इसपर 3 मई को सुनवाई होने वाली है। दूसरी अर्जी में सजा पर स्टे की मांग की गई है। सेशन कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए राहुल को अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि जमानत अर्जी पर फैसला आने तक रहेगी। इस मामले में फैसला आना बाकी है। तीसरी अर्जी में मोदी सरनेम केस में कन्विक्शन पर रोक की मांग की है। गुरुवार को कोर्ट ने इसे खारिज किया है।

शुक्रवार को हाईकोर्ट में करेंगे अपील

सूरत सेशन कोर्ट द्वारा राहुल गांधी की दो अर्जी पर फैसला सुनाया जाना बाकी है। अगर सेशन कोर्ट या इससे ऊपर की अदालत से राहत नहीं मिलती है तो राहुल गांधी को जेल जाना पड़ सकता है। राहुल गांधी शुक्रवार को अहमदाबाद हाईकोर्ट में अपील करने वाले हैं।

2019 में चुनाव प्रचार के दौरान दिया था विवादित बयान
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में 13 अप्रैल को रैली की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था, "इन सब चोरों के नाम मोदी कैसे हैं? नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी। खोजने पर और भी बहुत सारे मोदी मिलेंगे।"

यह भी पढ़ें- मोदी सरनेम मामलाः Dismiss...सिर्फ एक शब्द कहकर सूरत कोर्ट ने खारिज कर दी राहुल गांधी की अर्जी

इस बयान के चलते भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानी का केस दर्ज कराया था। इसी केस में राहुल को सजा मिली है। भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज कराया था। इस मामले में फैसला आना बाकी है।