प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने महिलाओं का जीवन बदलने वाले कई काम किए हैं। पहले महिलाओं की आंखें चूल्हे से निकलने वाले धुआं से जलती थी। अब उनके चेहरे पर तरक्की की चमक दिखती है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार महिलाओं के विकास से महिलाओं के नेतृत्व में विकास की दिशा में काम कर रही है। 2014 के बाद से आधी आबादी के सशक्तिकरण के लिए जो काम हुए हैं उसका परिणाम अब जमीन पर दिखने लगा है। पहले चूल्हे से निकलने वाले धुआं से महिलाओं की आंखें जलती थी। अब उनके चेहरे पर तरक्की की चमक दिखती है। आइए मोदी सरकार द्वारा महिलाओं के हित में किए गए कामों पर एक नजर डालते हैं। इसके साथ ही जानते हैं कि UPA के समय से अब तक कैसे बदलाव आए हैं।

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लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। इस मामले में बड़ी पहल करते हुए नरेंद्र मोदी की सरकार ने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का कानून पास किया है। इससे सत्ता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

1020 हुआ भारत का लैंगिक अनुपात

पहले भारत उन देशों में शामिल था जहां पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम थी। पीएम मोदी के केंद्र की सत्ता में रहने के दौरान स्थिति बदल गई है। अब भारत का लैंगिक अनुपात 1020 है। इसका मतलब है कि प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या 1020 है। कामकाजी महिलाओं के लिए बच्चे पैदा होने पर मिलने वाला मातृत्व अवकाश बहुत अहम होता है। इसे बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है।

सुकन्या समृद्धि योजना के 3.2 करोड़ खाते खुले

4.73 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं ने पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अपनी जांच कराई है। केंद्र सरकार के सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 3.2 करोड़ खाते खुले हैं। पीएम उज्ज्वला योजना से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। करीब 10 करोड़ परिवारों को LPG गैस सिलेंडर मिले हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण चला रही है। इस योजना के 72% से अधिक घर या तो पूरी तरह से या संयुक्त रूप से महिलाओं के नाम पर हैं। पीएम मोदी की सरकार ने मातृत्व सुरक्षा पर काम किया है। इसका असर है कि 2014-16 में प्रति 1 लाख बच्चों के जन्म लेने पर 130 माताओं की मौत होती थी यह घटकर 2018-20 में 97 रह गई है।

तीन तलाक खत्म होने से मुस्लिम महिलाएं हुईं सशक्त

नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन तलाक खत्म करने का बड़ा फैसला किया था। इससे मुस्लिम महिलाएं सशक्त हुईं हैं। केंद्र सरकार महिलाओं को कारोबार के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। PMMY योजना के तहत महिला उद्यमियों को 69% कर्ज दिए गए हैं। वहीं, स्टैंड-अप इंडिया योजना की 84% लाभार्थी महिलाएं हैं। 12 शस्त्र और सेवाओं में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया गया है। तीनों सेनाओं में अग्निवीर के रूप में महिलाओं की भर्ती हो रही है।

महिलाओं को मिला इज्जत घर

गांव की गरीब महिलाओं को पहले शौच जाने के लिए अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था। पीएम मोदी ने महिलाओं के इस दर्द को समझा और 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की शुरुआत की। इससे करोड़ों महिलाओं को इज्जत घर मिला। ग्रामीण भारत खुले में शौच-मुक्त बन गया।

14.45 करोड़ घरों तक पहुंचा पीने का साफ पानी

देश के हर घर तक पीने का साफ पानी पहुंचे इसके लिए केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन (जेजेएम) शुरू किया था। इस मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों तक नल का जल पहुंचा है। महिलाओं को अब पीने के पानी की तलाश में कई-कई किलोमीटर दूर तक जाना नहीं पड़ता।

UPA VS NDA: महिलाओं के जीवन में आए कैसे बदलाव

पहले महिलाओं को कई किलोमीटर तक पैदल चलकर झील, तालाब और कुंआ से पानी लाना पड़ता था।
अब 14.27 करोड़ घरों तक नल का जल पहुंच गया है।

पहले महिलाओं को लकड़ी या कोयले से खाना बनाना पड़ता था। धुआं से आंखें जलती थीं।
अब उज्जवला योजना से 10 करोड़ LPG कनेक्शन दिए गए हैं।

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पहले महिलाओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता था। अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था।
अब स्वच्छ भारत योजना से 12 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं। महिलाओं को खुले में जाना नहीं पड़ता।

पहले बिजली नहीं होने से महिलाओं को रोशनी के लिए केरोसीन जलाना पड़ता था। कम रोशन के चलते बच्चों को पढ़ने में परेशानी होती थी।
अब 2.86 परिवारों को सौभाग्य बिजली कनेक्शन दिया गया है।

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