प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया था। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विकास का ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ही के दिन 21 साल पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया था। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने शपथ ली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विकास का ऐसा मॉडल तैयार किया, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इसी गुजरात मॉडल और विकासवादी छवि के दम पर उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाई और प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए काम से खुश जनता ने 2019 के चुनाव में उन्हें फिर से सत्ता सौंप दी। आज नरेंद्र मोदी की गिनती दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेताओं में होती है। 

Scroll to load tweet…


17 सितंबर 1950 को हुआ था जन्म
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी का जीवन किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। चाय बेचने वाले से लेकर भारत का प्रधानमंत्री बनने तक का सफर बेहद रोमांचक और रोचक रहा है। मोदी को करीब से जानने वालों की मानें तो वे शुरू से काफी विद्रोही रहे हैं। जब उनके माता-पिता ने कम उम्र में उनकी शादी का फैसला लिया था तो वह इसके खिलाफ खड़े हो गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी नशे के जबरदस्त खिलाफ रहे हैं। उन्होंने अपना जीवन हमेशा आध्यात्मिक और बेहद सरल तरीके से जिया है। कभी धूम्रपान नहीं किया और शराब को हाथ तक नहीं लगाया। प्रधानमंत्री मोदी के संबंध में एक बात और मशहूर है कि उन्होंने अपने कामकाजी जीवन में कभी भी छुट्टी नहीं ली। बिना छुट्टी लिए वे 13 साल से लगातार काम कर रहे हैं। वे खुद को वर्कहॉलिक कहलाना पसंद करते हैं। 

यह भी पढ़ें- राजपथ की मानसिकता अब कर्तव्य पथ में बदलना चाहिए...पीएम मोदी का IAS अधिकारियों से आह्वान

90 के दशक में बड़े नेता के रूप में उभरे थे मोदी
नरेंद्र मोदी बीजेपी के पहले नेता हैं, जिन्होंने केंद्र में पार्टी की बहुमत की सरकार बनाई। 2014 में उन्होंने पीएम के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और पार्टी को रिकॉर्ड जीत दिलाई। वह 90 के दशक में बीजेपी के बड़े नेता के उभरे थे। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने मुरली मनोहर जोशी के साथ कश्मीर के लाल चौक में तिरंगा फहराया था। 

यह भी पढ़ें- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उदित राज को भेजा नोटिस