नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा अगले महीने भारत की यात्रा पर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत होगी। इसके साथ ही शेर बहादुर गुजरात में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ में भी हिस्सा लेंगे।

नई दिल्ली। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) अगले महीने भारत की यात्रा पर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ उनकी बातचीत होगी। इसके साथ ही शेर बहादुर गुजरात में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ (Vibrant Gujarat Global Summit) में भी हिस्सा लेंगे। बता दें कि ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ का आयोजन 10 से 12 जनवरी तक होगा।

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शेर बहादुर 10 जनवरी को भारत के लिए रवाना होंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार पिछले साल प्रधानमंत्री बनने के बाद से शेर बहादुर देउबा की यह पहली भारत यात्रा है। पिछले माह COP26 समिट के दौरान ग्लासगोव में देउबा और मोदी की मुलाकात साइडलाइन पर हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के रिश्ते को मजबूत करने पर चर्चा की थी। इसके साथ ही कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी दोनों की बात हुई थी।

कोरोना महामारी के दौरान भारत और नेपाल के बीच बेहतरीन सहयोग को नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा सराहा गया था। इस दौरान भारत द्वारा नेपाल को कोरोना का टीका, दवाएं और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई सुनिश्चित की गई थी। इसके साथ ही भारत से नेपाल तक सामान बिना किसी रुकावट के पहुंचे इसकी व्यवस्था भी की गई थी। नेपाल की मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा देउबा की मुलाकात भारत के दूसरे राजनेताओं से भी होगी।

भारत नेपाल के बीच रोटी-बेटी का है संबंध
बता दें कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना रोटी-बेटी का संबंध है। बीते वर्षों में चीन की कूटनीति के कारण भारत और नेपाल के संबंध में खटास आई थी। अब यह खटास धीरे-धीरे दूर हो गई है। पिछले दिनों चीन का नाम लिए बिना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि कुछ ताकतें भारत और नेपाल के रिश्ते खराब करना चाहती हैं, लेकिन भारत किसी भी कीमत पर इन रिश्तों को टूटने नहीं देगा। उत्तराखंड के गुनियाल गांव में बनाए जा रहे सैन्य धाम के लिए भूमिपूजन करने के बाद रक्षा मंत्री ने कहा था कि सरकार का प्रतिनिधि होने के नाते आपको बताना चाहता हूं कि चाहे कुछ भी हो जाए, अपने पड़ोसी नेपाल के साथ रिश्ते कभी टूटने नहीं देंगे, कभी बिगड़ने नहीं देंगे।

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