पीएम मोदी के 2 घंटा 12 मिनट के लोकसभा में स्पीच की बड़ी बातें 10 प्वाइंट में जानिए
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस पीएम नरेंद्र मोदी के स्पीच के समापन से हुआ। मणिपुर हिंसा पर पीएम को बोलवाने के लिए विपक्ष ने अविश्वास लाया था। 2 घंटे 12 मिनट के पीएम मोदी के स्पीच में कांग्रेस और गांधी परिवार जबर्दस्त निशाने पर रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि यह कालखंड बेहद महत्वपूर्ण है। हम आज जो करने जा रहे हैं, वह अगले 1000 वर्षों तक के लिए भारत की नींव बनेगा। 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ इस कालखंड में अपनी सामर्थ्य, शक्ति से जो करेगा वह आने वाले 1000 साल की नींव रखने वाला है। ऐसे समय में हमारी जिम्मेदारी, हमारा फोकस एक ही होना चाहिए देश का विकास। यही समय की मांग है। 140 करोड़ देशवासी, भारतीय समुदाय की सामूहिक ताकत हमें उस ऊंचाई तक पहुंचा सकती है। आज विश्व हमारा लोहा मानता है। हमारी युवा पीढ़ी जो सपने देख रही है, संकल्प के साथ सिद्धि तक पहुंचाने का सामर्थ्य रखती है।
अपने अगले कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में देश की जनता ने 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। 2019 में ट्रैक रिकॉर्ड देखते हुए फिर एक बार फिर हमारे सामर्थ्य पर विश्वास जताया। सरकार में रहते हुए हमने भी इस दायित्व को निभाने का प्रयास किया। हमने भारत के युवाओं को घोटालों से रहित सरकार दी। हमने अपने प्रोफेशनल्स को खुले आसमान में उड़ने का हौंसला और अवसर दिया है। हमने दुनिया में भारत की गिरती साख को संभाला है और नई ऊंचाई तक ले गए। हम यह विश्वास दिलाते हैं कि तीसरे टर्म में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे।
पीएम मोदी ने भाषण के माध्यम से गांधी परिवार और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल कोई दिल से बात करने की बात कह रहा था। दिमाग के बारे में तो पहले से हम सब देखते जानते चले आ रहे हैं, अब दिल के बारे में भी हम जान गए। पीएम मोदी ने राहुल गांधी के रावण वाले बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंका हनुमान ने नहीं जलाई, उनके घमंड ने जलाई...यह बिल्कुल सच है। जनता जनार्दन भी भगवान राम का रूम है...इसलिए आप 400 से 40 हो गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं कांग्रेस की मुसीबत समझता हूं। वर्षों से एक ही फेल प्रोडक्ट को बार बार लांच करते। लेकिन हर बार वह फेल हो जाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि मजा है इस डिबेट का। फील्डिंग तो विपक्ष ने लगाया लेकिन चौक्के-छक्के यहीं से लगे। विपक्ष को तैयारी करके आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच साल दिया लेकिन फिर भी यह तैयारी नहीं करके आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दिखास की और छपास की इच्छा है। लेकिन वह नहीं जानते कि देश उनको देख रहा है। उनके एक एक शब्दों को सुन रहा है। विपक्ष ने देश को हर बार निराशा के अलावा कुछ नहीं दिया।
पीएम मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि मैं आज इस मौके पर हमारे विपक्ष के साथियों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ दिन पहले बेंगलुरू में करीब-करीब डेढ़ दो दशक पुराने यूपीए का क्रिया कर्म किया, अंतिम संस्कार किया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था के मुताबिक मुझे तभी संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी। लेकिन इस देरी के आप खुद ही जिम्मेदार हैं। एक ओर यूपीए का क्रिया कर्म कर रहे थे, दूसरे जश्न भी मना रहे थे। आप जश्न मना रहे थे खंडहर में नया प्लास्टर लगाने का। आप दशकों पुरानी खटारा गाड़ी को इलेक्ट्रिक वेहिकल दिखाने के लिए बड़ा मजमा लगाया। मजे की बात यह कि मजमा खत्म होने से पहले ही उसका श्रेय लेने के लिए सिर फुटौव्वल हो गई।
पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के लोगों को सीक्रेट वरदान मिला है। वरदान यह कि यह लोग जिसका बुरा चाहते हैं, उसकी भलाई ही होती है। एक उदाहरण मैं ही हूं। 20 साल हो गए। क्या कुछ नहीं मेरे खिलाफ हुआ लेकिन मुझे कुछ नहीं हुआ। मैं तीन उदाहरण से सिद्ध कर सकता। इन लोगों ने कहा था कि बैंकिंग सेक्टर डूब जाएगा, देश बर्बाद हो जाएगा। बड़े-बड़े विद्वानों को विदेश से लाकर कहलवाया। इन्होंने बुरा चाहा बैंकों का और ऐसा हुआ नहीं। दूसरा उदाहरण-डिफेंस के हेलीकॉप्टर बनाने वाली सरकारी कंपनी एचएएल की। एचएएल को लेकर कितनी बातें कही थी। एचएएल के तबाह होने वाली बात कही थी। मजदूरों, कामगारों को भड़काया गया। दुनिया को भड़काया। लेकिन हुआ उसके उल्टा। आज एचएएल सफलता की ऊंचाई को छू रहा। तीसरा उदाहरण- एलआईसी के लिए कहा गया था कि एलआईसी बर्बाद हो गई। गरीबों का पैसा डूब गया। लेकिन आज एलआईसी लगातार मजबूत हो रही है। शेयर मार्केट पर नजर रखने वालों को कहूंगा आप सरकारी कंपनियों पर दांव लगा दीजिए, वादा है पैसा नहीं डूबेगा। पीएम मोदी ने कहा कि ये लोग जिन संस्थाओं के डूबने की बात करते उसका भाग्य चमक जाता।
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में 61 वर्षों से कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस नो कंफिडेंस। पश्चिम बंगाल में आखिरी जीत 51 साल पहले मिली थी। वहां के लोग कह रहे हैं कांग्रेस नो कंफिडेंस। यूपी-बिहार में 1985 में आखिरी जीत कांग्रेस को नसीब हुई। तबसे कांग्रेस नो कंफिडेंस। त्रिपुरा भी कह दिया कांग्रेस नो कंफिडेंस। नागालैंड में कांग्रेस की आखिरी जीत 1988 में हुई थी। यहां के लोग भी कह रहे 25 वर्षों से कांग्रेस नो कंफिडेंस। दिल्ली-पश्चिम बंगाल और आंध प्रदेश में एक भी विधायक नहीं। यहां कांग्रेस को लोग लगातार नो कंफिडेंस बोल रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की पहचान से जुड़ी कोई चीज इनकी अपनी नहीं है। चुनाव चिन्ह से लेकर विचारों तक जो कांग्रेस अपना होने का दावा करती है वह दूसरे से लिया गया है। अपनी कमियों को ढकने के लिए चुनाव चिन्ह और विचारों को चुरा लिया। पार्टी के संस्थापक कौन एओ ह्यूम। एक विदेशी थे जिन्होंने पार्टी बनाई। भारत के स्वतंत्रता संग्राम को 1920 में एक ध्वज और प्रतीक मिला। लेकिन कांग्रेस ने उसे छीन लिया। 1920 से यह खेल चल रहा है। तिरंगा छीन लिया। गांधी नाम भी चुरा लिया। कांग्रेस के चुनाव चिन्ह देखिए, दो बैल, गाय बछड़ा और फिर हाथ का पंजा। यह साफ दिखाता है कि सबकुछ एक परिवार के हाथों केंद्रित हो चुका है। यह इंडिया गठबंधन नहीं है, यह घमंडिया गठबंधन है। इसकी बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है। सबको प्रधानमंत्री बनना है। इस गठबंधन ने यह भी नहीं सोचा कि किस राज्य में कहां हैं। पश्चिम बंगाल में आप टीएमसी और कम्युनिस्ट के खिलाफ हैं और दिल्ली में एक साथ हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने मिजोरम में असहाय नागरिकों पर अपनी वायुसेना से हमला कराया। कांग्रेस बताए कि मिजोरम के लोग भारत के नागरिक नहीं थे क्या, वायुसेना भारत की नहीं थी क्या। आज भी मिजोरम में पांच मार्च को शोक मनाता है। पूरा मिजोरम भूल नहीं पाता। कभी इन्होंने मरहम लगाने की कोशिश नहीं की, कभी इनको दु:ख नहीं हुआ। यह सत्य कांग्रेस ने देश से छुपाया। कौन था उस समय इंदिरा गांधी। अकाल तख्त पर हमला किया गया। इन लोगों ने देश के विश्वास की हत्या की। इनके कारनामे ही उभर कर सामने आते हैं। दूसरी घटना है 1962 का। 1962 का वह रेडियो प्रसारण आज भी शूल की तरह नार्थ-ईस्ट को चुभता है। जब चीन हमला किया था तो वहां के लोगों को मदद की उम्मीद थी। लेकिन ऐसे विकट स्थिति में एकमात्र नेता नेहरू ने उनको उनके भाग्य पर छोड़ दिया था। जो लोग अपने आप को लोहिया जी का वारिस कहते हैं। लोहिया जी ने नेहरू जी पर गंभीर आरोप लगाए। लोहिया जी ने कहा था कि जानबूझकर नेहरू जी नार्थ-ईस्ट का विकास नहीं कर रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि नार्थ ईस्ट की जिम्मेदार कांग्रेस है। इनकी राजनीति जिम्मेदार है। मणिपुर भारतीय संस्कारों से ओतप्रोत है। स्वतंत्रता संग्राम, आजाद हिंद फौज के लिए बलिदान देने वाला मणिपुर कांग्रेस के शासन में अलगाव की बलि चढ़ गया। मणिपुर में एक समय था हर व्यवस्था उग्रवादी संगठनों की मर्जी से चलती थी। उस समय कांग्रेस की सरकार थी। सरकारी दफ्तरों में महात्मा गांधी की फोटो नहीं लगाई जाती थी तो सरकार कांग्रेस की थी। उन्होंने कहा मोरांग में नेताजी की फोटो पर बम फेंका तब सरकार किसकी थी। इस पर सत्ताधारी सांसदों ने कांग्रेस का नाम लिया। लाइब्रेरी में रखी गई किताबों को जब जलाया गया तो सरकार किसकी थी, जब मंदिर में घंटी नहीं बजने दिया जाता था, इंफाल में मंदिर में बम फेंककर श्रद्धालुओं की जान ली गई तो सरकार किसकी थी? मणिपुर में आईएएस-आईपीएस अफसरों को वहां काम करने के लिए अपनी तनख्वाह का एक हिस्सा उग्रवादी संगठनों को देना पड़ता था तो सरकार कांग्रेस की थी। कांग्रेस देश के लिए नहीं सोचती न ही देश की कठिनाईयों के लिए सोचती। इनको राजनीति के अलावा कुछ नहीं सूझता।
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