कोरोना की दहशत के बीच देश में एक नए वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। नोरोवायरस के केरल में मिलने से राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। संक्रमित क्षेत्रों में जांच और सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष एहतियात बरतने को कहा है। 

नई दिल्ली। देश में महामारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कोरोना (Corona virus in India) के एक बार फिर बढ़ते प्रकोप के बीच अब एक नई महामारी ने होश उड़ा दी है। केरल में नोरोवायरस (Norovirus) मिलने से सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। नई आफत नोरोवायरस से दो बच्चे संक्रमित हुए हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्टेट में नोरोवायरस से दो बच्चे संक्रमित हुए हैं। विभाग लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। पैनिक होने की जरूरत नहीं है। बच्चों की हालत स्थिर है। हालांकि, उन्होंने कहा कि नोरोवायरस बेहद संक्रमित है और तेजी से फैलता है।

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कहां आया पहला केस नोरोवायरस का?

नोरोवायरस का पहला केस विहिंजम में रिपोर्ट किया गया है। यह तिरुअनंतपुरम का एक हिस्सा है। जो बच्चे संक्रमित हैं वह लोअर प्राइमरी स्कूल के स्टूडेंट हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने बताया कि जहां बच्चों में सक्रमण रिपोर्ट की गई है, वहां के सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित क्षेत्रों में जांच कराया जा रहा है और सैंपल भेजकर जल्द से जल्द रिपोर्ट मंगाई जा रही है। जार्ज ने कहा कि बीमारी को फैलने से रोकने के इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। 

पहले लगा फूड प्वाइजनिंग का मामला

बच्चों के संक्रमित होने के बाद अस्पताल में सबसे पहले स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिड डे मील का मामला समझा। डॉक्टर्स को लगा कि मिड डे मील खान से बच्चों में फूड प्वाइजनिंग हो गई है। लेकिन जांच के बाद नोरोवायरस की पुष्टि होने पर सबके होश उड़ गए। आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग की हाईलेवल मीटिंग बुलाई गई। मीटिंग में तत्काल रोकथाम के उपायों पर चर्चा हुई। संक्रमित बच्चों के क्षेत्र में संक्रमण रोकने के लिए जांच शुरू की गई। सैंपलिंग कर लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

क्या है नोरोवायरस के लक्षण, कैसे संक्रमण है फैलता?

नोरोवायरस आमतौर पर दूषित पानी, दूषित खाने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षण तो आमतौर पर कई बार सामान्य दिखते हैं लेकिन अनदेखी खतरनाक हो सकती है। शुरूआत में संक्रमित हो उल्टी-दस्त होने लगता है। पेट दर्द, फीवर, सिरदर्द के अलावा पूरे शरीर में भी दर्द होने लगता है। वायरस संक्रमित व्यक्ति के ठीक होने के बाद भी वेरिएंट बदलकर दुबारा-तिबारा संक्रमित करने की क्षमता रखता है। 

विपरीत माहौल में भी जीवित रहता है वायरस

नोरोवायरस 60 डिग्री से अधिक टेंपरेचर पर भी जीवित रह सकता है। यह वायरस पानी में तेजी से फैलता है और न उबालने से खत्म होता है न ही क्लोरिन डालने से इस पर कोई असर होता है। हैंड सेनिटाइजर के यूज के बाद भी यह एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण फैला सकता है। हालांकि, वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई, हाथ धोना और स्वच्छ पानी ही पीना चाहिए। विशेषज्ञ बच्चों और बुजुर्गों से वायरस से बचने की विशेष सलाह दे रहे हैं।

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