भारी बारिश के चलते बेंगलुरु के बड़े इलाके को जल-जमाव का सामना करना पड़ा। जल जमाव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए। अब शहर के लोगों ने वीडियो शेयर कर कहा है कि पूरा बेंगलुरु बाढ़ में नहीं डूबा है।

बेंगलुरु। भारी बारिश के चलते बेंगलुरु के बड़े इलाके को जल-जमाव का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी इतना भर गया था मानों वे नदियां हों। कॉलोनियों में बाढ़ सी स्थिति थी। राहत और बचाव अभियान के दौरान नावों का इस्तेमाल करना पड़ा था। बेंगलुरु में हुए जल जमाव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की गईं थी। 

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जल जमाव से मुख्य रूप से बेंगलुरु के पूर्वी हिस्से के निचले इलाके प्रभावित थे। आउटर रिंग रोड खंड, बेलंदूर, मराठाहल्ली और सरजापुर के लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुई। बेंगलुरु में स्थिति अब सामान्य की ओर बढ़ रही है। यह सोशल मीडिया पर भी दिख रहा है। बेंगलुरु में पानी में डूबी सड़कें, बाढ़ प्रभावित अपार्टमेंट और जलमग्न हुईं सड़कों की तस्वीरें और वीडियो की सोशल मीडिया पर मानों बाढ़ आ गई थी। बंगलुरु के लोगों ने इसके जवाब में तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया है कि पूरा शहर बाढ़ में नहीं डूबा है। 

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5-6 वर्ग किलोमीटर तक सीमित था बाढ़
बीबीएमपी आयुक्त तुषार गिरिनाथ ने कहा है कि बेंगलुरु 800 वर्ग किलोमीटर में फैला है। बाढ़ 5-6 वर्ग किलोमीटर तक सीमित था। पिछले 50 साल में बेंगलुरु में दूसरी बार सबसे अधिक बारिश हुई है। 30 अगस्त से 4 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश सामान्य वर्षा से 5 गुना अधिक थी। 162 झीलों में बारिश के कारण बाढ़ आ गई है। स्थिति को नियंत्रित किया गया है। आठ जोनों में से केवल महादेवपुरा जोन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। हम पानी निकालने और पानी को बाहर निकालने के लिए लगभग 20 नावों और 20 पंपों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाढ़ रोकने के लिए पानी के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

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कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने घर के आसपास की तस्वीरें शेयर की हैं और कहा है कि बाढ़ सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित है। आर श्रीनिवासन ने ट्वीट किया कि मैं बीटीएम टू इलाके में रहता हूं। यह आईआरआर और जयदेव हॉस्पिटल के करीब है। भारी बारिश के अलावा यहां सबकुछ ठीक है। बिजली की सप्लाई की परेशानी है। 

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