क्या ओडिशा में माओवादियों का नेटवर्क अब टूटने वाला है? 18 माओवादियों की जानकारी पर 8.4 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा ने हलचल मचा दी है। कौन हैं ये नाम, किस पर है सबसे बड़ा इनाम और क्यों बौध जिले में लगाए गए पोस्टर? क्या कोई बड़ा सुराग मिलने वाला है?

Odisha Maoist Reward Mystery: ओडिशा में माओवादियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। वामपंथी उग्रवाद को जड़ से खत्म करने के मकसद से ओडिशा पुलिस ने 18 वांछित माओवादियों की जानकारी देने पर कुल 8.40 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। यह अभियान खास तौर पर बौध जिले के अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में शुरू किया गया है, जहां लंबे समय से माओवादी गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

माओवादियों की जानकारी देने पर इनाम क्यों घोषित किया गया?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, माओवादी संगठन अब भी ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इनकी वजह से स्थानीय लोगों की सुरक्षा और विकास कार्यों पर असर पड़ता है। इसी को देखते हुए पुलिस ने आम जनता को इस अभियान से जोड़ने का फैसला किया है, ताकि माओवादियों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जा सके।

बौध जिले में पोस्टर लगाकर क्या संदेश दिया गया है?

इस अभियान के तहत पुलिस ने बौध जिले के कई गांवों और अंदरूनी इलाकों में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर साफ लिखा है- “माओवादियों को गिरफ्तार कराने में हमारी मदद करें और इनाम जीतें।” इन पोस्टरों में माओवादी नेताओं के नाम, उनकी भूमिका और उनके ऊपर घोषित इनाम की जानकारी दी गई है।

किस माओवादी पर सबसे बड़ा इनाम रखा गया है?

पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार, माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके पर सबसे बड़ा इनाम रखा गया है। उनकी गिरफ्तारी या जानकारी देने पर 1.20 करोड़ रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया है। यह इस अभियान का सबसे बड़ा इनाम है।

अन्य माओवादियों पर कितना इनाम घोषित किया गया है?

स्पेशल रीजनल कमेटी के पांच सदस्यों-

  • सुदर्शन उर्फ विकास,
  • निरंजन राउत उर्फ निखिल,
  • रश्मिता लेंका उर्फ अंकिता,
  • कृष्णा उर्फ सुकरू और नीतू

इन सभी पर 65 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। इसके अलावा, दो मिलिट्री प्लाटून कमांडरों पर 37.5 लाख रुपये प्रत्येक 10 डिवीजनल कमेटी सदस्यों पर 32 लाख रुपये प्रत्येक का इनाम घोषित किया गया है।

क्या सूचना देने वाले की पहचान सुरक्षित रहेगी?

ओडिशा पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि माओवादियों की जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वालों को किसी भी तरह का खतरा नहीं होने दिया जाएगा।

माओवादियों की जानकारी कहां और कैसे दें?

अगर किसी के पास इन वांछित माओवादियों से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो वह सीधे पुलिस की हेल्पलाइन नंबर 9437643839 पर संपर्क कर सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं और देश की सुरक्षा में सहयोग करें।

क्या माओवादियों को आत्मसमर्पण का मौका भी दिया गया है?

हां। इनाम वाले पोस्टरों के साथ-साथ पुलिस ने अलग से नोटिस भी लगाए हैं। इन नोटिसों में माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई है। सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक मदद, रोजगार और सुरक्षित जीवन देने का वादा किया गया है। ओडिशा पुलिस का यह अभियान माओवाद के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। 8.4 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा ने साफ कर दिया है कि सरकार और पुलिस अब इस समस्या को लेकर कोई ढील नहीं बरतना चाहती।