संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल और राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल समेत कई अहम बिल पेश किए जाएंगे। दोनों सदनों में प्राइवेट मेंबर्स बिल पर भी चर्चा होगी।

नई दिल्ली [भारत], 24 जुलाई (एएनआई): संसद के चल रहे मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा में महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने वाले हैं। विचार, पारित करने और पेश करने के लिए कई महत्वपूर्ण विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं।

लोकसभा में विधायी कार्य

लोकसभा में, सरकार सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए पेश करेगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल यह विधेयक पेश करेंगे, जो सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में और संशोधन करना चाहता है। यह विधायी कार्य विपक्षी सांसदों सौगत रॉय, एनके प्रेमचंद्रन और डीन कुरियाकोस द्वारा पेश किए गए एक वैधानिक प्रस्ताव के साथ किया जाएगा, जिसमें 16 मई को राष्ट्रपति द्वारा प्रख्यापित सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने की मांग की गई है।

प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस

दोपहर 3:30 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस के दौरान, कई विधेयक पेश करने के लिए सूचीबद्ध हैं। लोकसभा में सूचीबद्ध विधेयकों में संवैधानिक संशोधन, वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण, मछुआरों का संरक्षण, निजता के अधिकार, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन, सांस्कृतिक विरासत, आपदा प्रबंधन, गोहत्या निषेध और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के कल्याण से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। पेश किए जाने वाले विधेयकों में कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा कश्मीरी पंडित (सहायता, बहाली, पुनर्वास और पुनर्स्थापन) विधेयक, 2025 और भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल द्वारा स्पंदन (SPANDAN) विधेयक, 2026 शामिल हैं, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन को मजबूत करना है।

विधायी कार्यवाही से पहले, लोकसभा के एजेंडे में प्रश्नकाल, मंत्रियों द्वारा कागजात रखना और लोक लेखा समिति के बयान शामिल हैं। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और अमर सिंह भारतीय तटरक्षक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, भारतीय रेलवे की उपनगरीय ट्रेन सेवाओं, नशीले पदार्थों के प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा कार्यान्वयन और रक्षा-संबंधी खरीद सहित मुद्दों पर लोक लेखा समिति की कार्रवाई रिपोर्ट से संबंधित बयान रखने वाले हैं। सदन शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्टों पर भी विचार करेगा, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और उच्च शिक्षा पर रिपोर्टें शामिल हैं।

राज्यसभा में पेश होंगे ये बिल

इस बीच, राज्यसभा में सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश और विचार करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विधेयक को पेश करने के लिए आगे बढ़ाएंगे और बाद में इस कानून पर विचार और पारित करने की मांग करेंगे।

उच्च सदन में जद(यू) सांसद संजय कुमार झा द्वारा मिथिला केंद्रीय विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 भी पेश किया जाएगा, जो मिथिला संस्कृति, विरासत, मैथिली भाषा और तिरहुता लिपि के प्रचार और संरक्षण के लिए मिथिला क्षेत्र में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करना चाहता है।

राज्यसभा में पेश किए जाने वाले अन्य विधेयकों में बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा द्वारा पेश किया गया कॉस्मेटिक्स विधेयक, 2026 शामिल है, जिसका उद्देश्य कॉस्मेटिक उत्पादों को विनियमित करना और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है; टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन द्वारा विवाह समानता विधेयक, 2026, जो विवाह कानूनों में संशोधन की मांग करता है; और सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन द्वारा मीडिया पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास विधेयक, 2026, जो मीडिया संगठनों के स्वामित्व, वित्त पोषण और कामकाज में पारदर्शिता पर केंद्रित है।

उच्च सदन कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी द्वारा पेश किए गए जलवायु लचीला कृषि और किसान संरक्षण विधेयक, 2025 पर भी विचार करेगा, जो कृषि उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को दूर करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक राष्ट्रीय मिशन स्थापित करना चाहता है।

दोनों सदनों में दिन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसमें दोपहर तक सरकारी कामकाज निर्धारित है, जिसके बाद प्राइवेट मेंबर्स का विधायी कार्य होगा। (एएनआई)

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