केंद्र द्वारा एक्साइस ड्यूटी में कमी के बाद एनडीए शासित दस राज्यों ने भी वैट में कटौती का ऐलान कर दिया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (excise duty) में पांच और डीजल पर उत्पाद शुल्क में दस रुपये की कमी की है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) ने दिवाली (Diwali) से ठीक एक दिन पहले लोगों को पेट्रोल-डीजल के दामों (Petrol-Diesel rates) में कमी करके राहत देने के प्रयास में कई राज्यों ने भी हाथ मिलाया है। केंद्र द्वारा एक्साइस ड्यूटी में कमी के बाद एनडीए शासित दस राज्यों ने भी वैट में कटौती का ऐलान कर दिया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (excise duty) में पांच और डीजल पर उत्पाद शुल्क में दस रुपये की कमी की है। केंद्र ने राज्यों से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए दोनों ईंधनों पर वैट कम करने को कहा था।

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इन दस राज्यों ने की वैट में कटौती

केंद्र सरकार द्वारा डीजल-पेट्राल में एक्साइज ड्यूटी कम किए जाने के बाद असम सरकार ने तत्काल फैसला लेते हुए सात-सात रुपये वैट के डीजल-पेट्रोल से कम कर दिए। इसके बाद गुजरात, कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, त्रिपुरा ने भी सात-सात रुपये डीजल-पेट्रोल पर से कम करने का ऐलान कर दिया। जबकि उत्तराखंड ने पेट्रोल में दो रुपये कम करने का ऐलान किया तो उत्तर प्रदेश ने पेट्रोल में सात रुपये और डीजल में दो रुपये कम करने का ऐलान कर दिया।

बिहार सरकार ने पेट्रोल पर 1.30 रुपये और डीजल पर 1.90 रुपये की कमी की है। अब यहां पेट्रोल 6.30 रुपये व डीजल 11.90 रुपये सस्ता हो जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने भी वैट कटौती कर दी है। अब यहां पेट्रोल साढ़े छह रुपये और डीजल साढ़े बारह रुपये सस्ता मिलेगा। राजस्थान और महाराष्ट्र में भी इसी के आसपास पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आएगी। 

बीते एक महीने में बेतहाशा बढ़ी कीमतें

सितंबर महीने की 28 तारीख को पेट्रोल 20 पैसे महंगा हुआ था, वहीं डीजल भी 25 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। सितंबर के अंतिम दिनों से पेट्रोल की कीमतें बढ़नी शुरू हुईं थी, वह बीते मंगलवार तक जारी रहीं। पेट्रोल की कीमत में 28 दिनों में ही 8.85 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। 

पिछले साल ही उत्पाद शुल्क बढ़ाया था सरकार ने

सरकार का कहना है कि डीजल पर उत्पाद शुल्क (excise duty) में कमी पेट्रोल की तुलना में दोगुनी होगी और आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को पिछले साल ₹ 19.98 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹ 32.9 कर दिया गया था। इसी तरह डीजल पर शुल्क बढ़ाकर 31.80 रुपये प्रति लीटर किया गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें सुधार के साथ 85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने के साथ मांग भी लौटी है, लेकिन सरकार ने उत्पाद शुल्क नहीं घटाया था। इस वजह से आज देश के सभी बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं डेढ़ दर्जन से अधिक राज्यों में डीजल शतक लगा चुका है।

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