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नशेड़ी पायलटों की वजह से जिंदगियां दांव पर! ड्रग रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 4 पायलट और 1 एटीसी को ड्यूटी से हटाया

देश में 31 जनवरी से साइकोएक्टिव टेस्ट एविएशन इंडस्ट्री में लागू किया गया था। इस टेस्ट प्रक्रिया के शुरू होने के बाद चार पायलट की साइकोएक्टिव टेस्ट पॉजिटिव आ चुकी है। जबकि एक एटीसी यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ड्रग टेस्ट में फेल चुका है। ड्रग एडिक्ट, कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। उनको ड्यूटी से हटा दिया गया है।

Pilot of famous Airline removed from flight duty due to drug addiction, 5 pilots including one ATC tested positive for Psychoactive substances addiction, DVG
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First Published Aug 26, 2022, 7:09 PM IST

नई दिल्ली। देश की एविएशन इंडस्ट्री में कार्यरत पायलट्स, ड्रग टेस्ट में लगातार फेल हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में चार पायलट ड्रग टेस्ट में फेल हुए हैं। यानी वह नशे की हालत में ड्यूटी पर मिले हैं। डीजीसीए ने गंभीरता से लेते हुए ऐसे पायलट पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इन पायलट्स की रिपोर्ट आने के बाद ड्यूटी से हटाया जा रहा है।

इस साल से साइकोएक्टिव टेस्ट अनिवार्य

दरअसल, इस साल 31 जनवरी से डीजीसीए ने साइकोएक्टिव टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है। एविएशन इंडस्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों का यह टेस्ट समय-समय पर लिया जाता है। पायलट्स व क्रू मेंबर्स के अलावा एटीसी के लिए यह टेस्ट भी किया जाता रहा है। 

एक पायलट को ड्यूटी से हटाया

डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि एक प्रमुख एयरलाइन के एक पायलट को ड्रग परीक्षण में विफल होने के बाद उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। दरअसल, इस पायलट की ड्रग रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। नशे की हालत में फ्लाइट सौंपना सैकड़ों पैसेंजर्स के जान से खिलवाड़ हो सकता था। ऐसे में उसे ड्यूटी से हटाया गया है। अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रमुख एयरलाइन के एक पायलट का ड्रग परीक्षण 23 अगस्त को किया गया था।

अबतक चार पायलट और एक एटीसी का टेस्ट पॉजिटिव

देश में 31 जनवरी से साइकोएक्टिव टेस्ट एविएशन इंडस्ट्री में लागू किया गया था। इस टेस्ट प्रक्रिया के शुरू होने के बाद चार पायलट की साइकोएक्टिव टेस्ट पॉजिटिव आ चुकी है। जबकि एक एटीसी यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ड्रग टेस्ट में फेल चुका है। ड्रग एडिक्ट, कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। उनको ड्यूटी से हटा दिया गया है।

क्या है नियम?

सिविल एविशन रुल्स के मुताबिक, अगर कोई क्रू मेंबर, एटीसी या पायलट को नशा का सेवन करते पाया जाता है या उसका टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उसे पहली बार नशा मुक्ति केंद्र या पुनर्वास केंद्र भेजा जाता है। लेकिन यह अगर दूसरी बार टेस्ट में मिलता है तो उसके खिलाफ संस्थान बड़ी कार्रवाई करता है। दूसरी बार नशा करने पर पॉजिटिव रिपोर्ट अगर आती है तो उस पायलट या क्रू मेंबर का लाइसेंस तीन साल के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है। तीसरी बार में कर्मचारियों का लाइसेंस निरस्त या रद्द कर दिया जाएगा।

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