नायडू ने ट्वीट कर कहा, "आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर आधुनिक भारत के श्रेष्ठ विचारक की पावन स्मृति को प्रणाम करता हूं।"

नई दिल्ली (New Delhi). उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दीनदयाल उपाध्याय की 103वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज के कमजोर तबके के उत्थान के लिए उनके प्रयासों को याद किया। उनका जन्म 1916 में मथुरा में हुआ था।

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नायडू ने ट्वीट किया, "आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर आधुनिक भारत के श्रेष्ठ विचारक की पावन स्मृति को प्रणाम करता हूं। उपाध्याय जी भारत की सामाजिक सच्चाइयों से भलीभांति परिचित थे, उनके एकात्म मानवतावाद ने सदियों से समाज के हाशिए पर खड़े दुर्बल वर्गों को सामाजिक आर्थिक विकास की मूलधारा में सम्मिलित करने के लिए अंत्योदय जैसे विशेष प्रयास करने का आग्रह किया था।"

उपराष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में आगे कहा, "उपाध्याय जी का मानना था कि प्रकृति सम्मत विकास ही संस्कृति है, प्रकृति विरुद्ध विकास समाज में दोष पैदा करता है। समावेशी विकास ही स्थाई विकास है।’’

वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय को भारत का महान नेता बताया। मोदी ने ट्वीट किया, "कमजोर तबके की सेवा करने का उनके जीवन का संदेश दूर-दूर तक गूंजता है।" प्रधानमंत्री ने जन संघ नेता के संबंध में उनके भाषण का एक छोटा सा वीडियो भी साझा किया।

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]