पीएम मोदी, पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के 58वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

PM Modi in DGP conference: पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को डीजीपी कांफ्रेंस में नौसेना की तारीफ करने के साथ भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी सराहा। उन्होंने भारतीय नौसेना द्वारा अरब सागर से मर्चेंट नेवी शिप को समुद्री डाकूओं के चंगुल से छुड़ाने की तारीफ की। अभियान को वीरतापूर्ण अभियान बताया।

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पीएम मोदी, पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के 58वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। पीएम मोदी ने भारत के पहले सौर मिशन आदित्य एल1 की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की शक्ति और भारतीय वैज्ञानिकों की शक्ति का प्रमाण है।

नेवी के सफल ऑपरेशन को बताया वीरतापूर्ण ऑपरेशन

पीएम मोदी ने कहा कि दो दिन पहले भारतीय नौसेना ने एक बहुत ही सफल वीरतापूर्ण ऑपरेशन पूरा किया। नेवी को संदेश मिला कि एक मर्चेंटशिप संकट में है तो भारतीय नौसेना और समुद्री कमांडो सक्रिय हो गए। पीएम ने कहा कि जहाज में 21 नाविक थे जिनमें से 15 भारतीय थे। जहाज़ भारतीय तट से लगभग 2,000 किमी दूर था। उन्होंने कहा कि नेवी ने सफल ऑपरेशन कर सभी नाविकों को खतरे में बचा लिया। उन्होंने बताया कि बचाए जाने के बाद भारतीय, नेवी कमांडोज की बहादुरी की सराहना कर रहे थे और 'भारत माता की जय' के नारे लगा रहे थे।

दरअसल, 5 जनवरी को इंडियन नेवी के स्पेशल समुद्री कमांडो ने उत्तरी अरब सागर में एक क्विक ऑपरेशन में मर्चेंटशिव में फंसे 15 भारतीयों सहित 21 क्रू मेंबर्स को बचाया। करीब आधा दर्जन सशस्त्र समुद्री डाकूओं ने जहाज को किडनैप का प्रयास किया था। मर्चेंट शिप पर लाइबेरिया का झंड़ा लगा था।

आदित्य मिशन की भी सराहना

आदित्य L1 मिशन पर पीएम मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर अपने गंतव्य, L1 बिंदु पर पहुंच गया है। यहां से यह ग्रहण व सूर्य के चमत्कारों का अध्ययन करेगा। उन्होंने कहा कि यह वह स्थान है जहां से आदित्य एल1 सूर्य को स्पष्ट रूप से देख सकेगा। इससे हमारे चंद्र मिशन जैसे वैज्ञानिक अनुसंधान में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आदित्य एल1 की सफलता भारत की शक्ति और भारतीय वैज्ञानिकों के कौशल का एक महान उदाहरण है।

दरअसल, भारत का पहला सोलर मिशन यान आदित्य एल1, इस साल 6 जनवरी को अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच गया। यहां से यह सूर्य की परिक्रमा करेगा और उसका अध्ययन करेगा। इसरो की यह सफलता, चंद्रयान-3 की सफलता के कुछ महीने बाद आई।

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